दृष्टि की व्याख्या की क्रांतिकारी दृष्टि (The Vision Revolution : Mark Changizi)

SHARE:

आज यहाँ एक पुस्तक चर्चा । पुस्तक भी ऐसी जिसने दृष्टि (Vision) के संबंध में कई प्रचलित धारणाओं के इतर एक नया दृष्टिकोण रचा है, और जाने अनजान...

The vision of revolution human_eye आज यहाँ एक पुस्तक चर्चा । पुस्तक भी ऐसी जिसने दृष्टि (Vision) के संबंध में कई प्रचलित धारणाओं के इतर एक नया दृष्टिकोण रचा है, और जाने अनजाने दृष्टि के उन गुह्यतम रहस्यों से परिचित होने का उपक्रम किया है जो हमें विधाता की स्वाभाविक कृपा स्वरूप प्राप्त हो गये हैं । वर्तमान की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रशंसापूर्वक समीक्षित एवं वैज्ञानिक व गैर-वैज्ञानिक, विशेषज्ञ व गैर-विशेषज्ञ के लिये समान रूप से उपयोगी यह पुस्तक हमारी पाँचों इन्द्रियों (Five senses) में सर्वाधिक अन्वेषित और औत्सुक्यपूर्ण दृष्टि-इन्द्रिय के संबंध में कई वैज्ञानिक पूर्वमान्यताओं (assumptions) को  पुनर्व्याख्यायित एवं विश्लेषित करती है । मैं बात कर रहा हूँ न्यूरो-जीवविज्ञानी (neurobiology expert) और रेनसेलर पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट (Rensselaer polytechnic Institute) के संज्ञानात्मक विज्ञान विभाग (Department of Cognitive Science) के सहायक प्रोफेसर  मार्क ए. चैंगिजी (Mark A. Changizi) की नवीनतम प्रकाशित पुस्तक ’द विज़न रिवोल्यूशन : हाउ द लेटेस्ट रिसर्च ओवरटर्न्स एवरीथिंग वी थॉट वी न्यू अबाउट ह्यूमन विज़न’ (The Vision Revolution : How the Latest Research Overturns Everything We Thought We Knew About Human Vision) की । यह पुस्तक चैंगिजी के दृष्टि संबंधी शोध व अध्ययन  का प्राप्त नवनीत है ।
The Vision Revolution Image मानव मस्तिष्क का लगभग आधा हिस्सा दृष्टि (Vision)  के लिये उपयोग में आता है । चैंगिजी इसी दृष्टि को अपने अध्ययन का विषय बनाते हैं और यह उद्घाटित करते हैं कि मानव के पास निश्चित ही विशिष्ट शक्तियाँ (Superpowers) हैं और यह सभी दृष्टि से संबंधित हैं और वस्तुतः यही विशिष्ट शक्तियाँ ही हमारी दिशा तय करने में सहायक होती हैं कि किस प्रकार हम संसार को देखें और उसके साथ अपनी अंतर्क्रियाएं संपादित करें । चैंगिजी की यह पुस्तक भली भांति अब तक के चार साधारण से महत्वपूर्ण प्रश्नों - जो अब तक सही ढंग से व्याख्यायित नहीं हुए- के उत्तर देने का प्रयास करती है : 1) हम रंगों को क्यॊं देखते हैं या देखना चाहते हैं ? 2) हमारी आँखे अगल-बगल स्थित न होकर सामने की ओर स्थित क्यों हैं और सामने की ओर क्यों देखती हैं ? 3) हम दृष्टि भ्रम (illusion) के शिकार क्यों होते हैं ?  और 4) क्यों हम पठन-क्रिया (Reading ) में अत्यन्त आसानी अनुभव करते हैं, जबकि भाषा का लिखित स्वरूप कुछ हजार साल पहले से ही अस्तित्व में है ? 
The Vision Revolution Image 1 हममें से बहुत से लोगों ने इन प्रकार के प्रश्नों पर अधिक विचार नहीं किया होगा । आश्चर्य की बात यह है कि संज्ञानात्मक विज्ञान के विशेषज्ञ भी अलग नहीं हैं हमसे । सामान्यतः मस्तिष्क के अध्येता मस्तिष्क की कार्यप्रणाली पर यही प्रश्न पूछते देखे जाते हैं कि मस्तिष्क अपने अनेकों आश्चर्यजनक कार्य किस प्रकार (How) संपादित करता है । वे यह नहीं पूछते कि मस्तिष्क यह कार्य क्यों (Why) करता है ? पर मार्क चैंगिजी अपनी इस पुस्तक में मस्तिष्क और दृष्टि के अनगिनत सवालों में छुपे "क्यों" (Why?) का उत्तर देने का प्रयत्न करते हैं । गणितीय और भौतिक विश्लेषण पर आधारित  मस्तिष्क की रूपरेखा की व्याख्या करते हुए मार्क चैंगिजी स्वयं को एक ’सैद्धांतिक न्यूरोविज्ञानी’ ( theoretical neuro-scientist) कहते हैं, बिना इस बात का खयाल किये कि इन प्रयत्नों से स्वतः ही वह विकासात्मक मनोविज्ञान (Evolutionary Psychology) के गहरे अभ्यासी मान लिये गये हैं ।
The Vision Revolution Image 2 पूर्वोक्त प्रश्नों में रंग से संबंधित प्रश्न पर विचार करते हुए चैंगिजी यह अन्वेषित करते हैं कि रंगों में देख सकने की हमारी योग्यता हमें इस लिये प्राप्त है कि हम अपने सहकर्मियों व सहयोगियों की भावनात्मक अवस्था में आये हुए परिवर्तनों को लक्ष्य कर सकें । रंगों को ग्रहण करने के संबंध में अभी तक हमारी सर्वसम्मत धारणा यही है कि हमारे पूर्वजों ने इस योग्यता का विकास फलों को पहचानने के लिये किया । मार्क चैंगिजी का सोचना अलग है । वह यह धारणा प्रस्तावित करते हैं कि हमारी रंग-दृष्टि दूसरे लोगों के चेहरे पर हुए परिवर्तनों को- जो रक्त में ऑक्सीज़न के स्तर के कारण होते हैं - परिभाषित करने या पहचानने में सहायक होती है । ये परिवर्तन, जैसे चेहरे पर लाली छा जाना, प्रायः किसी भी व्यक्ति की भावनात्मक स्थिति का संकेत करते हैं । उन परिवर्तनों को देखने की योग्यता से हम सामने वाले की मानसिक अवस्था और उसके स्वास्थ्य का अनुमान कर सकते हैं । और सच कहिये तो यही तो है प्रकारांतर से दूर संवेदन या अतींद्रिय-बोध (Telepathy)|
मस्तिष्क की यह योग्यता उस समय भी विद्यमान थी जब वह अपना जीवन बिना किसी को देखे या किसी के साथ रहे बिता देता था । तब यह तटस्थ भाव से उपस्थित थी केवल । यह समझा सकता है कि हमारे पूर्वज जब इस योग्यता का उपयोग नहीं करते थे, वह रोमयुक्त चेहरे व रोमयुक्त शरीर वाले हुआ करते थे, और जब वह पूर्णतया नग्न चिकने शरीर और चेहरे वाले हुए ( हम मनुष्यों की तरह) तब वह रंगों की यह योग्यता उपयोग में लाने लगे ।
The Vision Revolution Image 3 इसी प्रकार द्विनेत्रीय दृष्टि (binocular vision) को लेकर भी चैंगिजी ने पारंपरिक धारणा (कि हमारी दो सामने देखती आँखें किसी भी वस्तु के दो चित्र बनाकर हमारे मस्तिष्क को प्रेषित करती हैं ताकि मस्तिष्क उन चित्रों की तुलना करके उनकी स्थिति-distance का अनुमान कर सके) को खारिज किया । उन्होंने भिन्न व्याख्या करते हुए कहा कि यह दो आँखें हमें एक प्रकार की एक्स-रे दृष्टि (X-ray Vision) प्रदान करती हैं, जिससे हम पास की वस्तुओं को देखते हुए भी उनके परे की वस्तुएं देख सकें । इसका परीक्षण अपनी अँगुली सामने रख कर किया जा सकता है । एक आँख बन्द कर लेने पर अँगुली के पीछे या बाहर की वस्तु दिखनी बन्द हो जाती है जबकि दोनों आँखें खुली रखने पर हमारी अँगुली पारदर्शी हो जाती है और बहुत सी पार की वस्तुयें दृष्ट होने लगती हैं  ।
चैंगिजी इस पुस्तक में वस्तुओं की पहचान (object recognition) पर भी विचार करते हैं और वर्णमाला की अक्षरों की आकृति को प्रकृति के नाना उपादानों का अनुकरण बताते हैं । पठन (reading) को अत्यन्त महत्वपूर्ण व उपयोगी योग्यता स्वीकार करते हुए चैंगिजी इस तथ्य पर विस्मित होते हैं कि किस प्रकार यह पठन ही हमें दिवंगत लोगों से संप्रेषण के योग्य बनाता है । चैंगिजी कहते हैं कि हम पढ़ना इसलिये जल्दी सीखते हैं क्योंकि हमारी लिखित वर्णमाला के प्रतीक वाह्य प्राकृतिक दृश्यावली के अनुकरण से निर्मित हुए हैं । उदाहरणार्थ ’A' और ’T' प्रकृति में सहज ही दिख जाते हैं, जब कोई एक वस्तु  दूसरी को अधिव्याप्त (overlap) करती हुई मालूम पड़ती है ।
दृष्टि भ्रम (optical illusion) के संबंध में यह सामान्य वैज्ञानिक परिकल्पना है कि ये हमारी दृष्टि-प्रक्रिया की सीमाओं के कारण अस्तित्व में आते हैं, जबकि चैंगिजी स्पष्टतः कहते हैं कि ये तब घटित होते हैं जब हमारा मस्तिष्क भविष्य को जानने का प्रयास करता है । वह तर्क देते हैं कि भविष्य को घटित करने की प्रत्याशा और इसकी योग्यता  हमारे प्रत्येक कार्य में परिलक्षित होती है, चाहे हम एक फुटबाल पकड़ रहे हों अथवा किसी भीड़ भरे कमरे में कोई तिकड़म बैठा रहे हों । चैंगिजी कहते हैं -
"We eperience countless illusions in our lifetime. The most famous being geometrical illusions- those with converging lines and a vanishing point we often see in Psychology 101 classes or in entertaining optical illusion books.."
चैंगिजी की यह पुस्तक फैंटेसी लेखकों के लिये भी एक नया गवाक्ष खोलती है और उन्हें आसानी देती है कि वे अपने चरित्रों को विशिष्ट शक्तियाँ प्रदान कर सकें । अब यह सब कुछ बहुत कुछ वास्तविक समझा जायेगा बजाय काल्पनिक उड़ान के ।
------------------------------------------------------------
संदर्भ :
1: The Vision Revolution: Eyes Are the Source of Human Superpowers,
2: Why the Eyes Have It
3: Uncovering the Human Superpowers
------------------------------------------------------------
मार्क चैंगिजी :
1 :  Mark A. Changizi
2 : Mark A. Changizi's Twitter Profile
3 : Mark A. Changizi's Facebook Profile
--------------------------------------------------------------------------------------
'तस्‍लीम' की विशेष प्रस्तुति - 
--------------------------------------------------------------------------------------

COMMENTS

BLOGGER: 8
Loading...
Name

- दर्शन लाल बावेजा,1,- बी एस पाबला,1,-Dr. Prashant Arya,2,-अंकित,4,-अंकुर गुप्ता,7,-अभिषेक ओझा,2,-अल्पना वर्मा,22,-आशीष श्रीवास्‍तव,2,-इन्द्रनील भट्टाचार्जी,3,-काव्या शुक्ला,2,-जाकिर अली ‘रजनीश’,56,-जी.के. अवधिया,6,-जीशान हैदर जैदी,45,-डा प्रवीण चोपड़ा,4,-डा0 अरविंद मिश्र,27,-डा0 श्‍याम गुप्‍ता,5,-डॉ. गुरू दयाल प्रदीप,8,-डॉ0 दिनेश मिश्र,5,-दर्शन बवेजा,1,-दर्शन लाल बवेजा,7,-दर्शन लाल बावेजा,2,-दिनेशराय द्विवेदी,1,-पवन मिश्रा,1,-पूनम मिश्रा,7,-बालसुब्रमण्यम,2,-योगेन्द्र पाल,6,-योगेश,1,-रंजना [रंजू भाटिया],22,-रेखा श्रीवास्‍तव,1,-लवली कुमारी,3,-विनय प्रजापति,2,-वीरेंद्र शर्मा(वीरुभाई),79,-शिरीष खरे,2,-शैलेश भारतवासी,1,-संदीप,2,-सलीम ख़ान,13,-हिमांशु पाण्डेय,3,.संस्‍था के उद्देश्‍य,1,।NASA,1,(गंगा दशहरा),1,100 billion planets,1,2011 एम डी,1,22 जुलाई,1,22/7,1,3/14,1,3D FANTASY GAME SPARX,1,3D News Paper,2,5 जून,1,Acid rain,1,Adhik maas,1,Adolescent,1,Aids Bumb,1,aids killing cream,1,Albert von Szent-Györgyi de Nagyrápolt,1,Alfred Nobel,1,aliens,1,All india raduio,1,altruism,1,AM,18,Aml Versha,1,andhvishwas,5,animal behaviour,1,animals,1,Antarctic Bottom Water,1,Antarctica,9,anti aids cream,1,Antibiotic resistance,1,arunachal pradesh,1,astrological challenge,1,astrology,1,Astrology and Blind Faith,1,astrology and science,1,astrology challenge,1,astronomy,4,Aubrey Holes,1,Award,4,AWI,1,Ayush Kumar Mittal,2,bad effects of mobile,1,beat Cancer,1,Beauty in Mathematics,1,Benefit of Mother Milk,1,benifit of yoga,1,Bhaddari,1,Bhoot Pret,3,big bang theory,1,Binge Drinking,1,Bio Cremation,1,bionic eye Veerubhai,1,Blind Faith,4,Blind Faith and Learned person,1,bloggers achievements,1,Blood donation,1,bloom box energy generator,1,Bobs Award,1,Breath of mud,1,briny water,1,Bullock Power,1,Business Continuity,1,C Programming Language,1,calendar,1,Camel reproduction centre,1,Carbon Sink,1,Cause of Acne,1,Change Lifestyle,1,childhood and TV,1,chromosome,1,Cognitive Scinece,1,comets,1,Computer,2,Contraception,1,darshan baweja,1,Deep Ocean Currents,1,Depression Treatment,1,desert process,1,Dineshrai Dwivedi,1,DISQUS,1,DNA,3,DNA Fingerprinting,1,Dr Shivedra Shukla,1,Dr. Abdul Kalam,1,Dr. K. N. Pandey,1,Dr. shyam gupta,1,Dr.G.D.Pradeep,9,Drug resistance,1,earth,28,Earthquake,5,Einstein,1,energy,1,Equinox,1,eve donation,1,Experiments,1,Facebook Causes Eating Disorders,1,faith healing and science,1,fastest computer,1,fibonacci,1,Film colourization Technique,1,Food Poisoning,1,formers societe,1,gauraiya,1,Genetics Laboratory,1,Ghagh,1,gigsflops,1,God And Science,1,golden number,2,golden ratio,2,guest article,9,guinea pig,1,Have eggs to stay alert at work,1,Health,70,Health and Food,14,Health and Fruits,1,Heart Attack,1,Heel Stone,1,Hindi Children's Science Fiction,1,HIV Aids,1,Human Induced Seismicity,1,Hydrogen Power,1,hyzine,1,hyzinomania,1,identification technology,2,IIT,2,Illusion,2,immortality,2,indian astronomy,1,influenza A (H1N1) virus,1,Innovative Physics,1,ins arihant,1,Instant Hip Hain Relief,1,International Conference,1,International Year of Biodiversity,1,invention,5,inventions,30,ISC,2,Izhar Asar,1,Jafar Al Sadiq,1,Jansatta,1,japan tsunami nature culture,1,Kshaya maas,1,Laboratory,1,Ladies Health,5,Lauh Stambh,1,leap year,1,Lejend Films,1,linux,1,Man vs.Machine,1,Manish Mohan Gore,1,Manjeet Singh Boparai,1,MARS CLIMATE,1,Mary Query,2,math,1,Medical Science,2,Memory,1,Metallurgy,1,Meteor and Meteorite,1,Microbe Power,1,Miracle,1,Misconduct,3,Mission Stardust-NExT,1,MK,76,Molecular Biology,2,Motive of Science Bloggers Association,1,Mystery,1,Nature,1,Nature experts Animal and Birds,1,Negative Effects of Night Shift,1,Neuroscience Research,1,new technology,1,NKG,4,open source software,1,Osmosis,1,Otizm,1,Pahli Barsat,1,pain killer and pain,1,para manovigyan,1,PCST 2010,5,pencil,1,Physics for Entertainment,1,Pill,1,PK,2,Plagiarism,5,Prey(Novel) by Michael Crichton,1,Pshychology,1,psychological therapy in vedic literature,1,Puberty,1,Rainbow,1,reason of brininess,1,Refinement,1,Research,4,Robotics,1,Safe Blogging,1,Science Bloggers Association as a NGO,2,science communication through blog writing,4,Science Fiction,16,Science Fiction Writing in Regional Languages,1,Science Joks,1,Science Journalism and Ethics,3,Science News,3,science of laughter,1,science project,1,Science Reporter,1,Science Theories,9,scientific inventions,2,Scientist,47,scientists,1,Search Engine Volunia,1,Secret of invisibility,1,Sex Ratio,1,Shinya Yamanaka,1,SI,1,siddhi,1,Solar Energy,1,space tourism,1,space travel,1,Spirituality,1,Stem Cell,1,Stephen Hawking,1,stonehenge mystery,1,Summer Solstice,1,Sunspots and climate,1,SuperConductivity,1,survival of fittest,1,sweet 31,1,Swine flue,1,taantra siddhee,1,tally presence system,1,Tantra-mantra,1,technical,1,technology,19,telomerase,1,Theory of organic evolution,1,Therapy in Rig veda,1,tokamak,1,Top 10 Blogger,1,Transit of Venus,1,TSALIIM Vigyan Gaurav Samman,1,tsunami warning,1,Tuberculosis Bacillus,1,tyndall effect,1,universe,14,Urdu Science Fiction Writer,1,vedic literature,1,VIDEO BOOK,1,Vigyan Pragati,1,Vigyan Prasar,1,Vision,1,Vividh Bharti,1,water,1,Web Technology,1,Wild life,3,Women Empowerment,1,Workshop,5,World Health Day,1,World no tobacco day,1,world trade center,1,Wormhole concept,1,Ya Perelman,1,yogendra,2,π,1,अंक,1,अंक गणित,1,अंतरिक्ष,1,अंतरिक्ष में सैर सपाटा,1,अंतरिक्ष यात्रा,1,अंतर्राष्ट्रीय सम्मलेन,1,अतिचालकता,1,अतीन्द्रिय दृष्टि,1,अतीन्द्रिय बोध,1,अथर्ववेद,1,अंध-विश्वास,2,अंधविश्‍वास,1,अंधविश्वास को चुनौती,3,अधिक मास,1,अध्यात्म,1,अनंत,1,अनसुलझे रहस्य,1,अन्तरिक्ष पर्यटन,3,अन्धविश्वास,3,अन्धविश्वास के खिलाफ,1,अभिषेक,8,अभिषेक मिश्र,4,अमरता,1,अम्ल वर्षा,1,अयुमु,1,अरुणाचल प्रदेश,1,अर्थ एक्सपेरीमेंट,3,अर्शिया अली,1,अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी,1,अलौकिक संगीत,1,अवसाद मुक्ति,1,अस्थि विज्ञान,1,आई आई टी,1,आई साईबोर्ग,1,आईएनएस अरिहंत,1,आकाश,1,आकाशगंगा,2,आटिज्‍म,1,आध्यात्म,1,आनंद कुमार,1,आनुवांशिक वाहक,1,आयुष मित्तल,1,आर्कियोलॉजी,1,आलम आरा,1,आविष्कार,1,आविष्कार प्रौद्योगिकी मोबाईल,1,इंटरनेट का सफर,1,इंडिव्हिजुअल व्हेलॉसिटी,1,इनविजिबल मैन,1,इन्जाज़-ऊंट प्रतिकृति,1,इन्द्रधनुष,1,इन्द्रनील भट्टाचार्जी,1,इन्द्रनील भट्टाचार्य,1,इशारों की भाषा,1,ईश्वर और विज्ञान,1,उजाला मासिक,1,उन्माद,1,उन्‍मुक्‍त,1,उप‍लब्धि,3,उबुन्टू,1,उल्‍कापात,1,उल्‍कापिंड,1,ऋग्वेद,1,एड्स जांच दिवस,1,एड्सरोधी क्रीम,1,एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया,1,एल्कोहल,1,एल्फ्रेड नोबल,1,औरतों में दिल की बीमारी का खतरा,1,कदाचार,1,कपडे,1,कम्‍प्‍यूटर एवं तकनीक,4,कम्प्यूटर विज्ञान,1,करेंट साइंस,1,कर्मवाद,1,किसानों की आत्महत्याएँ,1,कीमती समय,1,कृत्रिम जीवन,1,कृत्रिम रक्‍त,1,कृषि अवशेष,1,केविन वार्विक्क,1,कैसे मजबूत बनाएं हड्डियां,1,क्रायोनिक्स,1,क्रैग वेंटर,1,क्षय मास,1,क्षेत्रीय भाषाओं में विज्ञान कथा लेखन,2,खगोल,1,खगोल विज्ञान,2,खगोल विज्ञान.,1,खगोल वेधशाला,1,खतरनाक व्‍यवहार,1,खाद्य विषाक्‍तता,1,खारा जल,1,खूबसूरत आँखें,1,गणित,3,गति,1,गर्भकाल,1,गर्भस्‍थ शिशु का पोषण,1,गर्मी से बचने के तरीके,1,गुणसूत्र,1,गेलिलियो,1,गोल्डेन नंबर,2,गौरैया,1,ग्रह,1,ग्रीष्मकालीन अयनांत,1,ग्रुप व्हेलॉसिटी,1,ग्रेफ़ाइट,1,ग्लोबल वार्मिंग,2,घाघ-भड्डरी,1,चंद्रग्रहण,1,चमत्कार,1,चमत्कारिक पत्थर,1,चरघातांकी संख्याएं,1,चार्ल्‍स डार्विन,1,चिकत्सा विज्ञान,1,चैटिंग,1,छरहरी काया,1,छुद्रग्रह,1,जल ही जीवन है,1,जान जेम्स आडूबान,1,जानवरों की अभिव्यक्ति,1,जीवन और जंग,1,जीवन की उत्‍पत्ति,1,जैव विविधता वर्ष,1,जैव शवदाह,1,ज्योतिष,1,ज्योतिष और अंधविश्वास,2,झारखण्‍ड,1,टिंडल प्रभाव,1,टीलोमियर,1,टीवी और स्‍वास्‍थ्‍य,1,टीवी के दुष्‍प्रभाव,1,टेक्‍नालॉजी,1,टॉप 10 ब्लॉगर,1,डा0 अब्राहम टी कोवूर,1,डा0 ए0 पी0 जे0 अब्दुल कलाम,1,डाइनामाइट,1,डाटा सेंटर,1,डिस्कस,1,डी•एन•ए• की खोज,3,डीप किसिंग,1,डॉ मनोज पटैरिया,1,डॉ. के.एन. पांडेय,1,डॉ० मिश्र,1,ड्रग एडिक्‍ट,1,ड्रग्स,1,ड्रग्‍स की लत,1,तम्बाकू,1,तम्‍बाकू के दुष्‍प्रभाव,1,तम्बाकू निषेध,1,तर्कशास्त्र,1,ताँत्रिक क्रियाएँ,1,थर्मोइलेक्ट्रिक जेनरेटर,1,थ्री ईडियट्स के फार्मूले,1,दर्दनाशी,1,दर्शन,1,दर्शन लाल बवेजा,3,दिल की बीमारी,1,दिव्‍य शक्ति,1,दुरबीन,1,दूरानुभूति,1,दोहरे मानदण्ड,1,धरोहर,1,धर्म,2,धातु विज्ञान,1,धार्मिक पाखण्ड,1,धुम्रपान और याद्दाश्‍त,1,धुम्रपान के दुष्‍प्रभाव,1,धूल-मिट्टी,1,नई खोजें,1,नन्हे आविष्कार,1,नमक,1,नवाचारी भौतिकी,1,नशीली दवाएं,1,नाइट शिफ्ट के दुष्‍प्रभाव,1,नारायणमूर्ति,1,नारी-मुक्ति,1,नींद और बीमारियां,1,नींद न आने के कारण,1,नेत्रदान और ब्लॉगर्स,1,नेत्रदान का महत्‍व,1,नेत्रदान कैसे करें?,1,नैनो टेक्नालॉजी,1,नॉटिलस,1,नोबल पुरस्कार,1,नोबेल पुरस्कार,2,न्‍यूटन,1,परमाणु पनडुब्‍बी,1,परासरण विधि,1,पर्यावरण और हम,1,पर्यावरण चेतना,2,पशु पक्षी व्यवहार,1,पहली बारिश,1,पाई दिवस,1,पुच्‍छल तारा,1,पुरुष -स्त्री लिंग अनुपात,1,पूर्ण अँधियारा चंद्रग्रहण,1,पृथ्वी की परिधि,3,पृथ्‍वेतर जीवन,1,पेट्रोल चोरी,1,पेंसिल,1,पैडल वाली पनडुब्बी,1,पैराशूट,1,पॉवर कट से राहत,1,पौरूष शक्ति,1,प्रकाश,2,प्रज्ञाएँ,1,प्रतिपदार्थ,1,प्रतिरक्षा,1,प्रदूषण,1,प्रदूषण और आम आदमी,1,प्ररेणा प्रसंग,1,प्रलय,2,प्रलय का दावा बेटुल्गुयेज,1,प्रसव पीड़ा,1,प्रेम में ।धोखा,1,प्रोटीन माया,1,प्लास्टिक कचरा,1,फाई दिवस,1,फिबोनाकी श्रेणी,1,फिबोनाची,1,फेसबुक,1,फ्रीवेयर,1,फ्रेंकेंस्टाइन,1,फ्रेंच किसिंग,1,बनारस,1,बायो-क्रेमेशन,1,बायोमैट्रिक पहचान तकनीकियाँ,2,बाल विज्ञान कथा,1,बालसुब्रमण्यम,6,बिग-बेंग सिद्धांत,1,बिजली,1,बिजली उत्‍पादन,1,बिजली कैसे बनती है?,1,बिजलीघर,1,बिली का विकल्‍प,1,बी0एम0डब्ल्यू0,1,बीरबल साहनी,1,बुलेटप्रूफ,1,बैल चालित पम्प,1,ब्रह्मण्‍ड,1,ब्रह्मा,1,ब्रह्माण्‍ड,1,ब्रह्माण्‍ड के रहस्‍य,1,ब्रह्मान्ड,1,ब्रेन म्‍यूजिक,1,ब्लॉग लेखन,1,ब्लॉग लेखन के द्वारा विज्ञान संचार,2,ब्लॉगिंग का महत्व,1,भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद,1,भारतीय विज्ञान कथा लेखक समिति,1,भारतीय वैज्ञानिक,2,भारतीय शोध,1,भूकंप के झटके,1,भूकम्‍प,1,भूगर्भिक हलचलें,1,मंगल,1,मधुमेह और खानपान,1,मनजीत सिंह बोपाराय,1,मनीष मोहन गोरे,1,मनीष वैद्य,1,मनु स्मृति,1,मनोरंजक गणित,1,महिला दिवस,1,माचू-पिचू,1,मानव शरीर,1,माया,1,मारिजुआना,1,मासिक धर्म,1,मिल्‍की वे,1,मिशन स्टारडस्ट-नेक्स,1,मीठी गपशप,1,मीमांसा,1,मुख कैंसर,1,मृत सागर,1,मेघ राज मित्र,1,मेडिकल रिसर्च,1,मेरी शैली,1,मैथेमेटिक्स ओलम्पियाड,1,मैरी क्‍यूरी,2,मैरीन इनोवेटिव टेक्नोलॉजीज लि,1,मोटापा,1,मोबाईल के नुकसान,1,मौसम,1,यजुर्वेद,1,युवा अनुसंधानकर्ता पुरष्कार,1,यूरी गागरिन,1,योगेन्द्र पाल,1,योगेश,1,योगेश रे,1,रक्षा उपकरण,1,राईबोसोम,1,रूप गठन,1,रेडियो टोमोग्राफिक इमेजिंग,1,रैबीज,1,रोचक रोमांचक अंटार्कटिका,4,रोबोटिक्स,1,लखनऊ,1,लादेन,1,लालन-पालन,1,लिनक्स,1,लिपरेशी,1,लीप इयर,1,लेड,1,लॉ ऑफ ग्रेविटी,1,लोक विज्ञान,1,लौह स्तम्भ,1,वजन घटाने का आसान तरीका,1,वाई गुणसूत्र,1,वायु प्रदुषण,1,वाशो,1,विज्ञान,1,विज्ञान कथा,3,विज्ञान कथा सम्मेलन,1,विज्ञान के खेल,2,विज्ञान चुटकले,1,विज्ञान तथा प्रौद्यौगिकी,1,विज्ञान प्रगति,1,विज्ञान ब्लॉग,1,विज्ञापन,1,विटामिनों के वहम,1,विद्युत,1,विवेकानंद,1,विवेचना-व्याख्या,1,विश्व नि-तम्बाकू दिवस,1,विश्व पर्यावरण दिवस,1,विश्व भूगर्भ जल दिवस,1,विष्णु,1,वीडियो,1,वीडियो बुक,1,वैज्ञानिक दृष्टिकोण,1,वैद्य अश्विनी कुमार,1,वोस्तोक,1,व्‍यायाम के लाभ,1,व्हेलॉसिटी,1,शिव,1,शुक्र पारगमन,1,शुगर के दुष्‍प्रभाव,1,शून्य,1,शोध परिणाम,1,शोधन,1,श्रृष्टि का अंत,1,सं. राष्ट्रसंघ,1,सकारात्‍मक सोच का जादू,1,संक्रमण,1,संख्या,1,संजय ग्रोवर,1,संज्ञात्मक पक्षी विज्ञान,1,सटीक व्‍यायाम,1,संत बलबीर सिंह सीचेवाल,1,सत्यजित रे,1,समय की बरबादी को रोचकने के उपाय,1,समाज और हम,1,समुद्र,1,संयोग,1,सर चन्द्रशेखर वेंकट रमन राष्ट्रीय विज्ञान दिवस,1,सर्प संसार,1,साइकोलोजिस्ट,1,साइनस उपचार,1,साइंस ब्लागर्स मीट,1,साइंस ब्लागर्स मीट.,2,साइंस ब्लॉग कार्यशाला,2,साइंस ब्लॉगर्स असोसिएशन अवार्ड,1,साइंस ब्लॉगर्स असोसिएशन रजिस्ट्रेशन,1,साइंस ब्लॉगर्स ऑफ दि ईयर अवार्ड,1,साइंस ब्लोगिंग,1,साईकिल,1,सामवेद,1,सामाजिक अभिशाप,1,सामाजिक चेतना,1,साहित्यिक चोरी,2,सिगरेट छोड़ें,1,सी. एस. आई. आर.,1,सी.वी.रमण विज्ञान क्लब,1,सीजेरियन ऑपरेशन,1,सुपर अर्थ,1,सुपर कम्प्यूटर,1,सुरक्षित ब्लॉगिंग,1,सूर्यग्रहण,2,सृष्टि व जीवन,3,सेक्स रेशियो,1,सेहत की देखभाल,1,सोशल नेटवर्किंग,1,स्टीफेन हाकिंग,1,स्पेन,1,स्मृति,1,स्वर्ण अनुपात,1,स्वाईन-फ्लू,1,स्वास्थ्य,2,स्‍वास्‍थ्‍य और खानपान,1,स्वास्थ्य चेतना,3,हमारे वैज्ञानिक,4,हरित क्रांति,1,हंसी के फायदे,1,हाथरस कार्यशाला,1,हिंद महासागर,1,हृदय रोग,1,होलिका दहन,1,ह्यूमन रोबोट,1,
ltr
item
Science Bloggers' Association of India: दृष्टि की व्याख्या की क्रांतिकारी दृष्टि (The Vision Revolution : Mark Changizi)
दृष्टि की व्याख्या की क्रांतिकारी दृष्टि (The Vision Revolution : Mark Changizi)
http://lh4.ggpht.com/_21h5Tz52DZo/SlLnjIaBOeI/AAAAAAAAAac/2D5ghGCwLds/The%20vision%20of%20revolution%20human_eye_thumb%5B19%5D.jpg?imgmax=800
http://lh4.ggpht.com/_21h5Tz52DZo/SlLnjIaBOeI/AAAAAAAAAac/2D5ghGCwLds/s72-c/The%20vision%20of%20revolution%20human_eye_thumb%5B19%5D.jpg?imgmax=800
Science Bloggers' Association of India
http://blog.scientificworld.in/2009/07/vision-revolution-mark-changizi.html
http://blog.scientificworld.in/
http://blog.scientificworld.in/
http://blog.scientificworld.in/2009/07/vision-revolution-mark-changizi.html
true
1415300117766154701
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS CONTENT IS PREMIUM Please share to unlock Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy