एक ब्‍लैक होल (Black Hole) ऐसा है, जो धरती को भी निगल जाएगा!

SHARE:

ब्‍लैक होल (Black Hole) के बारे में सम्पूर्ण जानकारी।

महाभारत में एक कथा आती है, भकासुर (Bakasura) की। इस राक्षस की भूख इतनी विशाल थी कि वह गांव के गांव को खा जाता था। आखिरकार उस देश के वासियों ने तय किया कि हर दिन एक परिवार का एक सदस्य कई बैलगाड़ियों में भोजन भरकर उसे पहुंचाएगा, और इसके बदले वह अंधाधुंध लोगों को पकड़कर नहीं खाएगा। अंत में भीम (Bhima) इस राक्षस का वध कर डालता है।

Black Hole.jpg
ब्रह्मांड में भी ऐसे ही कुछ खगोलीय पिंड हैं जिनकी भूख भकासुर की भूख के समान अमिट होती है। इनका गुरुत्वाकर्षण बल इतना प्रबल होता है कि वे आसपास के तारों, ग्रहों, और अन्य खगोलीय पिंड़ों को अपनी ओर खींच लेते हैं और उन्हें अपने में मिला लेते हैं। यहां तक कि प्रकाश भी उनके गुरुत्वाकर्षल बल से बचकर निकल नहीं पाता है। इसलिए इन खगोलीय पिंड़ों को कृष्ण विवर (Black Hole-ब्लैक होल) कहा जाता है।

कृष्ण विवर (Black Hole) तब बनता है जब कोई बड़ा तारा बूढ़ा हो जाता है, यानी उसमें मौजूद ज्वलनशील पदार्थ (यानी हाइड्रोजन) सब खत्म हो जाता है। तारे विशाल आकार के होते हैं। उनका गुरुत्वाकर्षण बल भी उतना ही विशाल होता है। यह बल तारे की सामग्री को उसके केंद्र की ओर निरंतर खींचता रहता है। लेकिन तारे के केंद्र में हाइड्रोजन रहती है, जो तारे की भीषण गरमी के कारण फैलती जाती है। उसके फैलाने के कारण जो दाब उत्पन्न होता है, वह तारे के गुरुत्वाकर्षण बल का प्रतिरोधित करता है। इसलिए तारा पूर्णतः अंदर की ओर नहीं धंसता।

लेकिन एक समय बाद तारे के अंदर मौजूद हाइड्रोजन खत्म हो जाती है और गुरुत्वाकर्षण बल को रोकने के लिए हाइड्रोजन गैस का दाब मौजूद नहीं रहता। इससे तारा हवा निकल जाने पर गुब्बारे का खोल जिस तरह सिकुड़ जाता है, उसी तरह अंदर बैठ जाता है।

यदि तारा लगभग सूर्य के आकार का हुआ, तो वह सिकुड़कर लगभग 100 किलोमीटर व्यास वाले पिंड में बदल जाता है। इससे अधिक छोटे आकार में उसे दबाने के लिए उस तारे में पर्याप्त गुरुत्वाकर्षण बल नहीं होता है। अब उस तारे को श्वेत बौना (White Dwarf-वाइट ड्वार्फ) या न्यूट्रोन तारा (Neutron Star) कहा जाता है। वह अरबों वर्षों तक जीवित रहकर धीरे-धीरे अपनी ऊष्मा और ऊर्जा खोता रहता है।
[post_ads]
पर यदि तारा हमारे सूर्य से लगभग तीन से पांच गुना बड़ा हुआ, तो उसका गुरुत्वाकर्षण बल इतना ताकतवर होगा कि इस तरह उसके अंदर की ओर धंसने की प्रक्रिया निरंतर जारी रहती है, और एक वक्त ऐसा आता है जब पूरा का पूरा तारा दबकर धूल के एक कण से भी छोटे आकार का हो जाता है, और फिर वह पूर्णतः गायब ही हो जाता है। ऐसी अवस्था में पहुंचे तारे को कृष्ण विवर कहते हैं। इस तारे के अणु-परमाणु गुरुत्वाकर्षण बल के कारण इतने पास-पास दबा दिए गए होते हैं कि उसका गुरुत्वाकर्षण बल मूल तारे से कई लाख गुना बढ़ जाता है।

कैसा होता है कृष्ण विवर? 
कोई नहीं कह सकता, क्योंकि उसका गुरुत्वाकर्षण बल प्रकाश तक को रोक लेता है, इसलिए वह दिखाई ही नहीं देता। इसे इस तरह समझा जा सकता है।

पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल से किसी उपग्रह को अंतरिक्ष में निकालने के लिए उपग्रह को 11 किलोमीटर प्रति सेकंड से अधिक रफ्तार से उड़ाना पड़ता है। अब मान लीजिए कि आपको सूर्य के गुरुत्वाकर्षण बल से किसी उपग्रह को अंतरिक्ष में निकालना है। सूर्य पृथ्वी से कई गुना भारी है और उसका गुरुत्वाकर्षण बल भी पृथ्वी से कई गुना ज्यादा है। इस बल को निरस्त करके उपग्रह को अंतरिक्ष में पहुंचाने के लिए उपग्रह को 618 किमी प्रति सेकंड से उड़ाना पड़ेगा।

अब किसी कृष्ण विवर की कल्पना कीजिए, जो सूर्य से भी तीन से पांच गुना या उससे भी अधिक भारी होता है, यानी उसका गुरुत्वाकर्षण बल सूर्य के गुरुत्वाकर्षण बल से कई गुना ज्यादा होता है। इसका मतलब यह हुआ कि उससे किसी उपग्रह को अंतरिक्ष में पहुंचाने के लिए उपग्रह को 618 किमी प्रति सेकंड से कई गुना ज्यादा रफ्तार से उड़ाना होगा।

अब, भौतिकी का एक सिद्धांत है कि कोई भी पदार्थ प्रकाश की रफ्तार से अधिक तेज नहीं चल सकता। प्रकाश की रफ्तार 3,00,000 किमी प्रति सेकंड है। मतलब यह हुआ कि कृष्ण विवर से किसी भी चीज का बाहर निकालना असंभव है, प्रकाश का भी, क्योंकि प्रकाश की रफ्तार भी कृष्ण विवर के गुरुत्वाकर्षण बल को निरस्त करने के लिए आवश्यक रफ्तार से कम पड़ती है।

कृष्ण विवर इतना भूखा होता है कि उसके पास के हर खगोलीय पिंड को वह अपनी ओर खींच लेता है, और उसके अंदर पहुंचते ही उस पिंड का नामोनिशान मिट जाता है। उसे निगलने के बाद कृष्ण विवर की शक्ति और बढ़ जाती है, क्योंकि उसके द्रव्यमान में उस पिंड का द्रव्यमान भी जुड़ जाता है और इससे उसका गुरुत्वाकर्षण बल भी बढ़ जाता है। इससे वह और भी दूर-दूर के खगोलीय पिंड़ों को अपनी ओर खींचने और निगलने लगता है।

आपके मन में सवाल उठ रहा होगा, कि जब कृष्ण विवर दिखाई ही नहीं देता और प्रकाश तक को रोक लेता है, तो वैज्ञानिकों को उसके अस्तित्व के बारे में पता कैसे चला?

हम हवा को देख नहीं पाते, पर हवा के कारण झूम रहे वृक्षों को देखकर समझ जाते हैं कि हवा चल रही है। उसी प्रकार कृष्ण विवर के आस-पास के खगोलीय पिंडों की गति में मौजूद असामान्यताओं को देखकर हम अनुमान लगा सकते हैं कि आसपास कृष्ण विवर है।

हबल जैसे दूरबीनों ने ब्रह्मांड के ऐसे दृश्य हमें भेजे हैं जिनमें दिखाई दे रहा है कि कुछ तारों की गैसीय सामग्री किसी अदृश्य बिंदु की ओर खिंची चली जा रही है। ऐसा संभवतः किसी कृष्ण विवर के गुरुत्वाकर्षण बल के प्रताप से हो रहा है।

वैज्ञानिक मानते हैं कि हमारी आकाशगंगा के केंद्र में भी एक कृष्ण विवर है जो आस-पास के तारों को निगल-निगलकर निरंतर बड़ा होता जा रहा है।

अरे, आप घबरा गए? चिंता मत कीजिए। उसे हमारे सौर मंडल तक पहुंचने के लिए कम से कम 20 अरब वर्ष लगेंगे!

खगोलशास्त्री मानते हैं कि कृष्ण विवर ब्राह्मड के उद्भव और अंत के संबंध में हमें जानकारी दे सकते हैं।

ब्रह्मांड के उद्भव के संबंध में कई संकल्पनाएं हैं, जिनमें से प्रमुख दो हैं। एक संकल्पना के अनुसार यह माना जाता है कि शुरू में ब्रह्मांड की सारी सामग्री एक विशाल पिंड के रूप में मौजूद थी, जिसमें आज से लगभग 10 अरब वर्ष पहले विस्फोट हुआ, जिससे सारी सामग्री पूरे अंतरिक्ष में फैल गई। दरअसल फैलने की यह प्रक्रिया अब भी जारी है।

दूसरी संकल्पना के अनुसार ब्रह्मांड का उद्भव और पराभव एक लोलक के समान निरंतर चलता रहता है। ब्रह्मांड के मूल पिंड़ में विस्फोट होता है, और उसकी सामग्री फैलती जाती है, और फिर सारी सामग्री वापस लौटकर मूल पिंड में समा जाती है, जिसमें फिर विस्फोट होता है। यह क्रम निरंतर दुहराया जाता रहता है।

इस प्रक्रिया में कृष्ण विवर की कोई अहम भूमिका लगती है। शायद कृष्ण विवरों द्वारा खगोलीय पिंडों को निगले जाने से ही ब्रह्मांड के मूल पिंड का निर्माण होता है, जिसमें विस्फोट होने से ब्रह्मांड नए सिरे से बनता है।

ये सब बातें हमारी कल्पना को भी चकरा देनीवाली हैं। ब्रह्मांड के बारे में सोचते हुए हम हमारी कल्पना शक्ति की सीमाओं को छूने लगते हैं। पर मनुष्य प्रारंभ से ही इन सवालों से जूझता रहा है। हमारे दर्शनशास्त्रों का उद्भव ही इस सवाल का उत्तर खोजते हुए हुआ है कि ब्रह्माड किस तरह अस्तित्व में आया। पहले दार्शनिक इन सवालों का जवाब तर्कशास्त्र के आधार पर देते थे, आजकल खगोलविज्ञानी बड़े-बड़े दूरबीनों से अंतरिक्षा का प्रेक्षण करके और भौतिकी के सिद्धांतों के उपयोग से इन सवालों का उत्तर देते हैं। इन दार्शनिकों और खगोलशास्त्रियों के प्रयासों से ब्रह्मांड के बारे में हमारी समझ निरंतर बढ़ रही है।

ब्लैक होल के बारे में अन्य जानकारी के लिये देखें यह महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट्री
keywords: black hole video, black hole in space in hindi, black hole in hindi, bakasura story, bakasura and bhima, bakasura and krishna, bakasura smite, black hole facts in hindi, black hole theory in hindi, black hole on earth in hindi, black hole tragedy in hindi, black hole sun lyrics, black hole information paradox in hindi, black hole attack in hindi, black hole sun in hindi, white dwarf star in hindi, white dwarf star facts in hindi, white dwarf formation in hindi, white dwarf meaning in hindi, white dwarf stars definition in hindi, white dwarf and neutron star in hindi, neutron star collision in hindi, neutron star collision with earth in hindi, neutron star facts in hindi, neutron star density in hindi, neutron star formation in hindi, what is inside a black hole in hindi, black hole facts in hindi, black hole in space in hindi,

COMMENTS

BLOGGER: 31
Loading...
Name

- दर्शन लाल बावेजा,1,- बी एस पाबला,1,-Dr. Prashant Arya,2,-अंकित,4,-अंकुर गुप्ता,7,-अभिषेक ओझा,2,-अल्पना वर्मा,22,-आशीष श्रीवास्‍तव,2,-इन्द्रनील भट्टाचार्जी,3,-काव्या शुक्ला,2,-जाकिर अली ‘रजनीश’,56,-जी.के. अवधिया,6,-जीशान हैदर जैदी,45,-डा प्रवीण चोपड़ा,4,-डा0 अरविंद मिश्र,27,-डा0 श्‍याम गुप्‍ता,5,-डॉ. गुरू दयाल प्रदीप,8,-डॉ0 दिनेश मिश्र,5,-दर्शन बवेजा,1,-दर्शन लाल बवेजा,7,-दर्शन लाल बावेजा,2,-दिनेशराय द्विवेदी,1,-पवन मिश्रा,1,-पूनम मिश्रा,7,-बालसुब्रमण्यम,2,-योगेन्द्र पाल,6,-योगेश,1,-रंजना [रंजू भाटिया],22,-रेखा श्रीवास्‍तव,1,-लवली कुमारी,3,-विनय प्रजापति,2,-वीरेंद्र शर्मा(वीरुभाई),79,-शिरीष खरे,2,-शैलेश भारतवासी,1,-संदीप,2,-सलीम ख़ान,13,-हिमांशु पाण्डेय,3,.संस्‍था के उद्देश्‍य,1,।NASA,1,(गंगा दशहरा),1,100 billion planets,1,2011 एम डी,1,22 जुलाई,1,22/7,1,3/14,1,3D FANTASY GAME SPARX,1,3D News Paper,2,5 जून,1,Acid rain,1,Adhik maas,1,Adolescent,1,Aids Bumb,1,aids killing cream,1,Albert von Szent-Györgyi de Nagyrápolt,1,Alfred Nobel,1,aliens,1,All india raduio,1,altruism,1,AM,18,Aml Versha,1,andhvishwas,5,animal behaviour,1,animals,1,Antarctic Bottom Water,1,Antarctica,9,anti aids cream,1,Antibiotic resistance,1,arunachal pradesh,1,astrological challenge,1,astrology,1,Astrology and Blind Faith,1,astrology and science,1,astrology challenge,1,astronomy,4,Aubrey Holes,1,Award,4,AWI,1,Ayush Kumar Mittal,2,bad effects of mobile,1,beat Cancer,1,Beauty in Mathematics,1,Benefit of Mother Milk,1,benifit of yoga,1,Bhaddari,1,Bhoot Pret,3,big bang theory,1,Binge Drinking,1,Bio Cremation,1,bionic eye Veerubhai,1,Blind Faith,4,Blind Faith and Learned person,1,bloggers achievements,1,Blood donation,1,bloom box energy generator,1,Bobs Award,1,Breath of mud,1,briny water,1,Bullock Power,1,Business Continuity,1,C Programming Language,1,calendar,1,Camel reproduction centre,1,Carbon Sink,1,Cause of Acne,1,Change Lifestyle,1,childhood and TV,1,chromosome,1,Cognitive Scinece,1,comets,1,Computer,2,Contraception,1,darshan baweja,1,Deep Ocean Currents,1,Depression Treatment,1,desert process,1,Dineshrai Dwivedi,1,DISQUS,1,DNA,3,DNA Fingerprinting,1,Dr Shivedra Shukla,1,Dr. Abdul Kalam,1,Dr. K. N. Pandey,1,Dr. shyam gupta,1,Dr.G.D.Pradeep,9,Drug resistance,1,earth,28,Earthquake,5,Einstein,1,energy,1,Equinox,1,eve donation,1,Experiments,1,Facebook Causes Eating Disorders,1,faith healing and science,1,fastest computer,1,fibonacci,1,Film colourization Technique,1,Food Poisoning,1,formers societe,1,gauraiya,1,Genetics Laboratory,1,Ghagh,1,gigsflops,1,God And Science,1,golden number,2,golden ratio,2,guest article,9,guinea pig,1,Have eggs to stay alert at work,1,Health,70,Health and Food,14,Health and Fruits,1,Heart Attack,1,Heel Stone,1,Hindi Children's Science Fiction,1,HIV Aids,1,Human Induced Seismicity,1,Hydrogen Power,1,hyzine,1,hyzinomania,1,identification technology,2,IIT,2,Illusion,2,immortality,2,indian astronomy,1,influenza A (H1N1) virus,1,Innovative Physics,1,ins arihant,1,Instant Hip Hain Relief,1,International Conference,1,International Year of Biodiversity,1,invention,5,inventions,30,ISC,2,Izhar Asar,1,Jafar Al Sadiq,1,Jansatta,1,japan tsunami nature culture,1,Kshaya maas,1,Laboratory,1,Ladies Health,5,Lauh Stambh,1,leap year,1,Lejend Films,1,linux,1,Man vs.Machine,1,Manish Mohan Gore,1,Manjeet Singh Boparai,1,MARS CLIMATE,1,Mary Query,2,math,1,Medical Science,2,Memory,1,Metallurgy,1,Meteor and Meteorite,1,Microbe Power,1,Miracle,1,Misconduct,3,Mission Stardust-NExT,1,MK,76,Molecular Biology,2,Motive of Science Bloggers Association,1,Mystery,1,Nature,1,Nature experts Animal and Birds,1,Negative Effects of Night Shift,1,Neuroscience Research,1,new technology,1,NKG,4,open source software,1,Osmosis,1,Otizm,1,Pahli Barsat,1,pain killer and pain,1,para manovigyan,1,PCST 2010,5,pencil,1,Physics for Entertainment,1,Pill,1,PK,2,Plagiarism,5,Prey(Novel) by Michael Crichton,1,Pshychology,1,psychological therapy in vedic literature,1,Puberty,1,Rainbow,1,reason of brininess,1,Refinement,1,Research,4,Robotics,1,Safe Blogging,1,Science Bloggers Association as a NGO,2,science communication through blog writing,4,Science Fiction,16,Science Fiction Writing in Regional Languages,1,Science Joks,1,Science Journalism and Ethics,3,Science News,3,science of laughter,1,science project,1,Science Reporter,1,Science Theories,9,scientific inventions,2,Scientist,47,scientists,1,Search Engine Volunia,1,Secret of invisibility,1,Sex Ratio,1,Shinya Yamanaka,1,SI,1,siddhi,1,Solar Energy,1,space tourism,1,space travel,1,Spirituality,1,Stem Cell,1,Stephen Hawking,1,stonehenge mystery,1,Summer Solstice,1,Sunspots and climate,1,SuperConductivity,1,survival of fittest,1,sweet 31,1,Swine flue,1,taantra siddhee,1,tally presence system,1,Tantra-mantra,1,technical,1,technology,19,telomerase,1,Theory of organic evolution,1,Therapy in Rig veda,1,tokamak,1,Top 10 Blogger,1,Transit of Venus,1,TSALIIM Vigyan Gaurav Samman,1,tsunami warning,1,Tuberculosis Bacillus,1,tyndall effect,1,universe,14,Urdu Science Fiction Writer,1,vedic literature,1,VIDEO BOOK,1,Vigyan Pragati,1,Vigyan Prasar,1,Vision,1,Vividh Bharti,1,water,1,Web Technology,1,Wild life,3,Women Empowerment,1,Workshop,5,World Health Day,1,World no tobacco day,1,world trade center,1,Wormhole concept,1,Ya Perelman,1,yogendra,2,π,1,अंक,1,अंक गणित,1,अंतरिक्ष,1,अंतरिक्ष में सैर सपाटा,1,अंतरिक्ष यात्रा,1,अंतर्राष्ट्रीय सम्मलेन,1,अतिचालकता,1,अतीन्द्रिय दृष्टि,1,अतीन्द्रिय बोध,1,अथर्ववेद,1,अंध-विश्वास,2,अंधविश्‍वास,1,अंधविश्वास को चुनौती,3,अधिक मास,1,अध्यात्म,1,अनंत,1,अनसुलझे रहस्य,1,अन्तरिक्ष पर्यटन,3,अन्धविश्वास,3,अन्धविश्वास के खिलाफ,1,अभिषेक,8,अभिषेक मिश्र,4,अमरता,1,अम्ल वर्षा,1,अयुमु,1,अरुणाचल प्रदेश,1,अर्थ एक्सपेरीमेंट,3,अर्शिया अली,1,अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी,1,अलौकिक संगीत,1,अवसाद मुक्ति,1,अस्थि विज्ञान,1,आई आई टी,1,आई साईबोर्ग,1,आईएनएस अरिहंत,1,आकाश,1,आकाशगंगा,2,आटिज्‍म,1,आध्यात्म,1,आनंद कुमार,1,आनुवांशिक वाहक,1,आयुष मित्तल,1,आर्कियोलॉजी,1,आलम आरा,1,आविष्कार,1,आविष्कार प्रौद्योगिकी मोबाईल,1,इंटरनेट का सफर,1,इंडिव्हिजुअल व्हेलॉसिटी,1,इनविजिबल मैन,1,इन्जाज़-ऊंट प्रतिकृति,1,इन्द्रधनुष,1,इन्द्रनील भट्टाचार्जी,1,इन्द्रनील भट्टाचार्य,1,इशारों की भाषा,1,ईश्वर और विज्ञान,1,उजाला मासिक,1,उन्माद,1,उन्‍मुक्‍त,1,उप‍लब्धि,3,उबुन्टू,1,उल्‍कापात,1,उल्‍कापिंड,1,ऋग्वेद,1,एड्स जांच दिवस,1,एड्सरोधी क्रीम,1,एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया,1,एल्कोहल,1,एल्फ्रेड नोबल,1,औरतों में दिल की बीमारी का खतरा,1,कदाचार,1,कपडे,1,कम्‍प्‍यूटर एवं तकनीक,4,कम्प्यूटर विज्ञान,1,करेंट साइंस,1,कर्मवाद,1,किसानों की आत्महत्याएँ,1,कीमती समय,1,कृत्रिम जीवन,1,कृत्रिम रक्‍त,1,कृषि अवशेष,1,केविन वार्विक्क,1,कैसे मजबूत बनाएं हड्डियां,1,क्रायोनिक्स,1,क्रैग वेंटर,1,क्षय मास,1,क्षेत्रीय भाषाओं में विज्ञान कथा लेखन,2,खगोल,1,खगोल विज्ञान,2,खगोल विज्ञान.,1,खगोल वेधशाला,1,खतरनाक व्‍यवहार,1,खाद्य विषाक्‍तता,1,खारा जल,1,खूबसूरत आँखें,1,गणित,3,गति,1,गर्भकाल,1,गर्भस्‍थ शिशु का पोषण,1,गर्मी से बचने के तरीके,1,गुणसूत्र,1,गेलिलियो,1,गोल्डेन नंबर,2,गौरैया,1,ग्रह,1,ग्रीष्मकालीन अयनांत,1,ग्रुप व्हेलॉसिटी,1,ग्रेफ़ाइट,1,ग्लोबल वार्मिंग,2,घाघ-भड्डरी,1,चंद्रग्रहण,1,चमत्कार,1,चमत्कारिक पत्थर,1,चरघातांकी संख्याएं,1,चार्ल्‍स डार्विन,1,चिकत्सा विज्ञान,1,चैटिंग,1,छरहरी काया,1,छुद्रग्रह,1,जल ही जीवन है,1,जान जेम्स आडूबान,1,जानवरों की अभिव्यक्ति,1,जीवन और जंग,1,जीवन की उत्‍पत्ति,1,जैव विविधता वर्ष,1,जैव शवदाह,1,ज्योतिष,1,ज्योतिष और अंधविश्वास,2,झारखण्‍ड,1,टिंडल प्रभाव,1,टीलोमियर,1,टीवी और स्‍वास्‍थ्‍य,1,टीवी के दुष्‍प्रभाव,1,टेक्‍नालॉजी,1,टॉप 10 ब्लॉगर,1,डा0 अब्राहम टी कोवूर,1,डा0 ए0 पी0 जे0 अब्दुल कलाम,1,डाइनामाइट,1,डाटा सेंटर,1,डिस्कस,1,डी•एन•ए• की खोज,3,डीप किसिंग,1,डॉ मनोज पटैरिया,1,डॉ. के.एन. पांडेय,1,डॉ० मिश्र,1,ड्रग एडिक्‍ट,1,ड्रग्स,1,ड्रग्‍स की लत,1,तम्बाकू,1,तम्‍बाकू के दुष्‍प्रभाव,1,तम्बाकू निषेध,1,तर्कशास्त्र,1,ताँत्रिक क्रियाएँ,1,थर्मोइलेक्ट्रिक जेनरेटर,1,थ्री ईडियट्स के फार्मूले,1,दर्दनाशी,1,दर्शन,1,दर्शन लाल बवेजा,3,दिल की बीमारी,1,दिव्‍य शक्ति,1,दुरबीन,1,दूरानुभूति,1,दोहरे मानदण्ड,1,धरोहर,1,धर्म,2,धातु विज्ञान,1,धार्मिक पाखण्ड,1,धुम्रपान और याद्दाश्‍त,1,धुम्रपान के दुष्‍प्रभाव,1,धूल-मिट्टी,1,नई खोजें,1,नन्हे आविष्कार,1,नमक,1,नवाचारी भौतिकी,1,नशीली दवाएं,1,नाइट शिफ्ट के दुष्‍प्रभाव,1,नारायणमूर्ति,1,नारी-मुक्ति,1,नींद और बीमारियां,1,नींद न आने के कारण,1,नेत्रदान और ब्लॉगर्स,1,नेत्रदान का महत्‍व,1,नेत्रदान कैसे करें?,1,नैनो टेक्नालॉजी,1,नॉटिलस,1,नोबल पुरस्कार,1,नोबेल पुरस्कार,2,न्‍यूटन,1,परमाणु पनडुब्‍बी,1,परासरण विधि,1,पर्यावरण और हम,1,पर्यावरण चेतना,2,पशु पक्षी व्यवहार,1,पहली बारिश,1,पाई दिवस,1,पुच्‍छल तारा,1,पुरुष -स्त्री लिंग अनुपात,1,पूर्ण अँधियारा चंद्रग्रहण,1,पृथ्वी की परिधि,3,पृथ्‍वेतर जीवन,1,पेट्रोल चोरी,1,पेंसिल,1,पैडल वाली पनडुब्बी,1,पैराशूट,1,पॉवर कट से राहत,1,पौरूष शक्ति,1,प्रकाश,2,प्रज्ञाएँ,1,प्रतिपदार्थ,1,प्रतिरक्षा,1,प्रदूषण,1,प्रदूषण और आम आदमी,1,प्ररेणा प्रसंग,1,प्रलय,2,प्रलय का दावा बेटुल्गुयेज,1,प्रसव पीड़ा,1,प्रेम में ।धोखा,1,प्रोटीन माया,1,प्लास्टिक कचरा,1,फाई दिवस,1,फिबोनाकी श्रेणी,1,फिबोनाची,1,फेसबुक,1,फ्रीवेयर,1,फ्रेंकेंस्टाइन,1,फ्रेंच किसिंग,1,बनारस,1,बायो-क्रेमेशन,1,बायोमैट्रिक पहचान तकनीकियाँ,2,बाल विज्ञान कथा,1,बालसुब्रमण्यम,6,बिग-बेंग सिद्धांत,1,बिजली,1,बिजली उत्‍पादन,1,बिजली कैसे बनती है?,1,बिजलीघर,1,बिली का विकल्‍प,1,बी0एम0डब्ल्यू0,1,बीरबल साहनी,1,बुलेटप्रूफ,1,बैल चालित पम्प,1,ब्रह्मण्‍ड,1,ब्रह्मा,1,ब्रह्माण्‍ड,1,ब्रह्माण्‍ड के रहस्‍य,1,ब्रह्मान्ड,1,ब्रेन म्‍यूजिक,1,ब्लॉग लेखन,1,ब्लॉग लेखन के द्वारा विज्ञान संचार,2,ब्लॉगिंग का महत्व,1,भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद,1,भारतीय विज्ञान कथा लेखक समिति,1,भारतीय वैज्ञानिक,2,भारतीय शोध,1,भूकंप के झटके,1,भूकम्‍प,1,भूगर्भिक हलचलें,1,मंगल,1,मधुमेह और खानपान,1,मनजीत सिंह बोपाराय,1,मनीष मोहन गोरे,1,मनीष वैद्य,1,मनु स्मृति,1,मनोरंजक गणित,1,महिला दिवस,1,माचू-पिचू,1,मानव शरीर,1,माया,1,मारिजुआना,1,मासिक धर्म,1,मिल्‍की वे,1,मिशन स्टारडस्ट-नेक्स,1,मीठी गपशप,1,मीमांसा,1,मुख कैंसर,1,मृत सागर,1,मेघ राज मित्र,1,मेडिकल रिसर्च,1,मेरी शैली,1,मैथेमेटिक्स ओलम्पियाड,1,मैरी क्‍यूरी,2,मैरीन इनोवेटिव टेक्नोलॉजीज लि,1,मोटापा,1,मोबाईल के नुकसान,1,मौसम,1,यजुर्वेद,1,युवा अनुसंधानकर्ता पुरष्कार,1,यूरी गागरिन,1,योगेन्द्र पाल,1,योगेश,1,योगेश रे,1,रक्षा उपकरण,1,राईबोसोम,1,रूप गठन,1,रेडियो टोमोग्राफिक इमेजिंग,1,रैबीज,1,रोचक रोमांचक अंटार्कटिका,4,रोबोटिक्स,1,लखनऊ,1,लादेन,1,लालन-पालन,1,लिनक्स,1,लिपरेशी,1,लीप इयर,1,लेड,1,लॉ ऑफ ग्रेविटी,1,लोक विज्ञान,1,लौह स्तम्भ,1,वजन घटाने का आसान तरीका,1,वाई गुणसूत्र,1,वायु प्रदुषण,1,वाशो,1,विज्ञान,1,विज्ञान कथा,3,विज्ञान कथा सम्मेलन,1,विज्ञान के खेल,2,विज्ञान चुटकले,1,विज्ञान तथा प्रौद्यौगिकी,1,विज्ञान प्रगति,1,विज्ञान ब्लॉग,1,विज्ञापन,1,विटामिनों के वहम,1,विद्युत,1,विवेकानंद,1,विवेचना-व्याख्या,1,विश्व नि-तम्बाकू दिवस,1,विश्व पर्यावरण दिवस,1,विश्व भूगर्भ जल दिवस,1,विष्णु,1,वीडियो,1,वीडियो बुक,1,वैज्ञानिक दृष्टिकोण,1,वैद्य अश्विनी कुमार,1,वोस्तोक,1,व्‍यायाम के लाभ,1,व्हेलॉसिटी,1,शिव,1,शुक्र पारगमन,1,शुगर के दुष्‍प्रभाव,1,शून्य,1,शोध परिणाम,1,शोधन,1,श्रृष्टि का अंत,1,सं. राष्ट्रसंघ,1,सकारात्‍मक सोच का जादू,1,संक्रमण,1,संख्या,1,संजय ग्रोवर,1,संज्ञात्मक पक्षी विज्ञान,1,सटीक व्‍यायाम,1,संत बलबीर सिंह सीचेवाल,1,सत्यजित रे,1,समय की बरबादी को रोचकने के उपाय,1,समाज और हम,1,समुद्र,1,संयोग,1,सर चन्द्रशेखर वेंकट रमन राष्ट्रीय विज्ञान दिवस,1,सर्प संसार,1,साइकोलोजिस्ट,1,साइनस उपचार,1,साइंस ब्लागर्स मीट,1,साइंस ब्लागर्स मीट.,2,साइंस ब्लॉग कार्यशाला,2,साइंस ब्लॉगर्स असोसिएशन अवार्ड,1,साइंस ब्लॉगर्स असोसिएशन रजिस्ट्रेशन,1,साइंस ब्लॉगर्स ऑफ दि ईयर अवार्ड,1,साइंस ब्लोगिंग,1,साईकिल,1,सामवेद,1,सामाजिक अभिशाप,1,सामाजिक चेतना,1,साहित्यिक चोरी,2,सिगरेट छोड़ें,1,सी. एस. आई. आर.,1,सी.वी.रमण विज्ञान क्लब,1,सीजेरियन ऑपरेशन,1,सुपर अर्थ,1,सुपर कम्प्यूटर,1,सुरक्षित ब्लॉगिंग,1,सूर्यग्रहण,2,सृष्टि व जीवन,3,सेक्स रेशियो,1,सेहत की देखभाल,1,सोशल नेटवर्किंग,1,स्टीफेन हाकिंग,1,स्पेन,1,स्मृति,1,स्वर्ण अनुपात,1,स्वाईन-फ्लू,1,स्वास्थ्य,2,स्‍वास्‍थ्‍य और खानपान,1,स्वास्थ्य चेतना,3,हमारे वैज्ञानिक,4,हरित क्रांति,1,हंसी के फायदे,1,हाथरस कार्यशाला,1,हिंद महासागर,1,हृदय रोग,1,होलिका दहन,1,ह्यूमन रोबोट,1,
ltr
item
Science Bloggers' Association of India: एक ब्‍लैक होल (Black Hole) ऐसा है, जो धरती को भी निगल जाएगा!
एक ब्‍लैक होल (Black Hole) ऐसा है, जो धरती को भी निगल जाएगा!
ब्‍लैक होल (Black Hole) के बारे में सम्पूर्ण जानकारी।
https://4.bp.blogspot.com/-yqj7inTjles/VzVyK-2YiZI/AAAAAAAAJl8/2vbAljnAHwkW1Z28OWIFfH7VnVXS2EjXQCLcB/s400/Black%2BHole.jpg
https://4.bp.blogspot.com/-yqj7inTjles/VzVyK-2YiZI/AAAAAAAAJl8/2vbAljnAHwkW1Z28OWIFfH7VnVXS2EjXQCLcB/s72-c/Black%2BHole.jpg
Science Bloggers' Association of India
http://blog.scientificworld.in/2016/05/black-hole.html
http://blog.scientificworld.in/
http://blog.scientificworld.in/
http://blog.scientificworld.in/2016/05/black-hole.html
true
1415300117766154701
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS CONTENT IS PREMIUM Please share to unlock Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy