विज्ञान की अजीब Theories (1)

विज्ञान की अजीब Theories समान्तर ब्रह्माण्ड  (Parallel Universe)  : क्या आपको मालूम है कि इस यूनिवर्स में आपकी कापी मौ...

समान्तर ब्रह्माण्ड  (Parallel Universe) :
क्या आपको मालूम है कि इस यूनिवर्स में आपकी कापी मौजूद है? आप यहां कम्प्यूटर पर बैठे ब्लाग पढ़ रहे हैं और आपकी वह कापी मैदान में फुटबाल खेल रही है?

जी हाँ। वैज्ञानिकों ने कॉसमास का जो सबसे आसान माडल गणितीय गणनाओं के आधार पर बनाया है उसमें ऐसा संभव है। और आपकी वह कॉपी कुछ इतने मीटर की दूरी पर है कि आप 1 लिखकर उसके आगे 29 शून्य लगा दें और फिर 10 को इतनी बार गुणा कर दें। साइंस की इस थ्योरी का नाम है समान्तर ब्रह्माण्ड (Parallel Universe) जिसमें हमारे ब्रह्माण्ड से इतर ब्रह्माण्डों की कल्पना की गयी है। दरअसल इंसान जब सितारों से भरे यूनिवर्स को देखता है तो उसके दिमाग में सवाल उठता है, ‘क्या सिर्फ यही ब्रह्माण्ड है?’ इस सवाल का जवाब ढूंढने की कोशिश जब वैज्ञानिक करते हैं तो पैदा होता है समान्तर ब्रह्माण्ड का सिद्धान्त।
वर्तमान में ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति के सम्बन्ध में जो सर्वाधिक मान्य थ्योरी है वह है बिग बैंग का सिद्धान्त। जिसके अनुसार आज से लगभग 14 मिलियन साल पहले एक महाविस्फोट हुआ था जिससे ब्रह्माण्ड का निर्माण हुआ और तब से यह ब्रह्माण्ड लगातार फैल रहा है। इस समय के अनुसार जब गणना की गयी तो मालूम हुआ कि सर्वाधिक दूर वस्तु जो हम देख सकते हैं हमारी आँखों से इतने मीटर दूर है कि चार के आगे 26 शून्य जोड़ दिये जायें। इस अधिकतम दूरी के गोले को नाम दिया गया है हब्बल वोल्यूम।
वैज्ञानिकों ने कल्पना की है कि हब्बल वोल्यूम यानि हमारा यूनिवर्स एक अनन्त विस्तारित मल्टीवर्स (बहुब्रह्माण्ड) का बहुत छोटा सा हिस्सा है। मल्टीवर्स में हमारे यूनिवर्स जैसे अनेक यूनिवर्स हैं। सभी में भौतिकी के नियम एक जैसे पाये जाते हैं। यानि गुरुवाकर्षण नियम, कूलाम्ब नियम जैसे नियम दूसरे ब्रह्माण्डों में भी उसी प्रकार हैं जिस प्रकार हमारे ब्रह्मण्ड में। फर्क है तो प्रारम्भिक अवस्थाओं का। यानि एक यूनिवर्स में कोई व्यक्ति सुबह देर तक सो रहा है तो हो सकता है दूसरे यूनिवर्स में वही व्यक्ति सुबह उठकर जागिंग करने चला जा रहा है।
ये तो इस थ्योरी की शुरुआत भर है। दरअसल समान्तर ब्रह्माण्ड की पूरी थ्योरी को चार लेवेल में रखा गया है और अभी हमने जिस यूनिवर्स की बात की वह था लेवेल एक का यूनिवर्स। इससे पहले कि दूसरे लेवेल्स की बात की जाये, ये बताना जरूरी है कि समान्तर ब्रह्माण्ड के ये लेवेल किस आधार पर बनाये गये हैं।
भौतिक विज्ञान के आधार पर अगर कई ब्रह्माण्ड जूद हैं तो हर ब्रह्माण्ड में कुछ भौतिकी के नियम होते हैं और कुछ प्रारम्भिक अवस्थाएं होती हैं जिनसे उत्पन्न होकर वह आगे विकास करता है। इस तरंह लेवेल एक के ब्रह्माण्ड वे हुए जिनमें भौतिकी के नियम तो एक ही जैसे होंगे किन्तु प्रारम्भिक अवस्थाएं अलग अलग होंगी।
अब बात करते हैं दूसरे लेवेल की। इस लेवेल में कल्पनानुसार अनन्त ब्रह्माण्ड बिग बैंग विस्फोट द्वारा पैदा होते रहते हैं और फिर समाप्त हो जाते हैं। ठीक उसी तरंह जैसे पानी में बुलबुले पैदा होते रहते हैं और फिर नष्ट हो जाते हैं। इन बुलबुले रूपी ब्रह्माण्डों में भौतिकी के नियम तो समान रूप से लागू होते हैं किन्तु उनके नियतांकों का मान अलग अलग होता है। मिसाल के तौर पर हमारे ब्रह्माण्ड में प्रोटॉन इलेक्ट्रान से दो हजार गुना भारी होता है। हो सकता है दूसरे ब्रह्माण्ड में यह बीस हजार गुना भारी हो। साथ ही विमाओं की दृष्टि से भी एक ब्रह्माण्ड दूसरे से अलग होता है। सबसे खास बात ये कि यदि एक ब्रह्माण्ड में रहने वाला कोई भी व्यक्ति प्रकाश के वेग से भी यात्रा करे तो भी दूसरे ब्रह्माण्ड तक नहीं पहुंच सकता। क्योंकि ब्रह्माण्डीय बुलबुले के फैलने की रफ्तार प्रकाश के वेग से कहीं यादा होगी। यानि दूसरे ब्रह्माण्ड की किसी घटना को देख पाना संभव नहीं। (फिलहाल! भविष्य के बारे में कौन जानता है।)

तीसरे लेवेल का यूनिवर्स क्वांटम भौतिकी पर आधारित है, और सिर्फ वर्तमान बल्कि भविष्य के ब्रह्माण्ड की भी तस्वीर सामने रखता है। इस थ्योरी में भविष्य में घटने वाली कोई भी घटना वर्तमान घटना से गणितीय रूप में जुड़ी होती है और उसके साथ एक प्रोबेबिलिटी (संभावना) भी जुड़ी रहती है कुछ कुछ हिन्दी फिल्मों की कहानी की तरंह, जिनमें एक लड़की और दो लड़कों के बीच लव ट्राईएंगिल शुरू होता है। इस कहानी के कितने अंजाम संभव हो सकते हैं, उतने ही लेवेल थ्री के यूनिवर्स बन जाते हैं।
लेकिन तीनों लेवेल भौतिकविज्ञानियों और आम मनुष्य के एक प्रश्न का उत्तर देने में असमर्थ हैं। वह है हमारे यूनिवर्स की फाइन ट्यूनिंग। (फाइन ट्यूनिंग के बारे में विस्तार से अलग पोस्ट में चर्चा होगी।)

फाइन ट्यूनिंग की समस्या हल करते हुए यूनिवर्स के चौथे लेवेल का विचार ज़हन में आता है। इस लेवेल में प्रत्येक ब्रह्माण्ड का अपना एक अलग गणितीय माडल होता है। उस ब्रह्माण्ड के सभी भौतिक नियम उस माडल के अनुसार होते हैं। दूसरे ब्रह्माण्ड का गणितीय माडल बदल जाता है नतीजे में वहां के नियम भी उसी प्रकार से बदल जाते हैं। अब चूंकि गणितीय माडल अनन्त तरंह के मुमकिन हैं इसलिए ब्रह्माण्ड के स्ट्रक्चर भी अनन्त तरंह के हुए, जिनका अध्ययन वही कर सकता है जिसके पास अनन्त बुद्धिमता हो।
keywords: Parallel Universe, parallel universe concept, parallel universe theory pdf, parallel universe proof, parallel universe theory, parallel universe meaning, parallel universe red hot chili peppers, parallel universe movies, einstein parallel universe, parallel universe ppt,

COMMENTS

BLOGGER: 22
  1. परिकल्पनाओं की पूरी छूट है।

    ReplyDelete
  2. अच्छी जानकारीं रही, आभार आपका ।

    ReplyDelete
  3. This is first post in this blog site which had some informative value !!!

    ReplyDelete
  4. अब तो कम से कम ज्योतिष , इश्वर , आध्यात्म और तत्व मीमांस पार संदेह करना बंद करना चाहिए

    हमे प्रतीक्षा है fine tuning पर लेख की| जल्दी से लिखिए

    ReplyDelete
  5. EXCELLENT.
    YOU HAVE CREATED HISTORY BY GIVING INFORMATION ON BLOG.
    CONGRATS

    ReplyDelete
  6. जीशान भाई, इस रोचक और महत्वपूर्ण श्रृंखला के लिए आपको बहुत-बहुत बधाई। आशा ही नहीं बल्कि पूर्ण विश्वास है कि आपकी पुरानी श्रृंखला की भांति यह भी लोकप्रियता के नए रिकार्ड कायम करेगी।

    ReplyDelete
  7. बहुत ही मजेदार लेख है पढ़ कर के मजा आया

    ReplyDelete
  8. कल्पनात्मकता जबरदस्त है

    ध्यान से नही पढा है, समझ नही पाया हूं
    दोबारा पढना पडेगा

    प्रणाम

    ReplyDelete
  9. जानकारी तो उम्दा है पर क्या ये सच हो सकता है की मैं या मेरा जैसा कहीं और भी मौजूद है ! एक एक फिल्म देखि थी "द वन" जिसमे अपनी ही शक्लसुर्त वालूँ को मारते जाता है ओर उनका सारा बल उसमे आता जाता है !!

    ReplyDelete
  10. bahut mazaa aaya ye jaanne me...
    I just love science !!
    x.

    ReplyDelete
  11. bahut hi informative...infact aapne to hamari knowledge badha di...itna kuch to nahi jaante they ham.... Pls. keept writing expecting more from you.

    ReplyDelete
  12. बहुत ऊपर से निकल गया सर जी - आचार्य रंजन

    ReplyDelete
  13. अन्कित के कथन पर भी ध्यान दे. यह परिकल्पना सत्य ही है--वेदिक साहित्य में असन्ख्य ब्रह्मान्डों के बारे में विवरण है( यह मेरे आलेख ,श्रिष्टि व ब्रह्मान्ड. में वर्णित है)
    ---मुरारी पारिक का "द वन’--- रामायण में एक पात्र, वालि- सुग्रीव का भाई, वानर राज- था जिसे वरदान था कि अप्ने सामने वाले का आधा बल उसमें आजाता था, अतः राम ने उसे छिपकर मारा था

    ReplyDelete
  14. यकीन जानिये, ज्योतिष कहे या विज्ञान,
    लेकिन अगर आज की तारीख़ में मुझ से पूछा जाए, तो मेरे लिए असंख्य ब्रम्हांड की कल्पना करना भी नामुमकिन है.

    Why would a 3D universe be more than one? Why can't it be called a single one? What differentiates the two.

    अगर Vertical plates होती जिसे हम universe कहते तो बात फिर भी समझ में आती थी.

    वैसे This article is too complex to understand and the usage of complex Hindi words make it even more complex.

    ReplyDelete
  15. योगेश जी, ब्रह्मांडों की कल्पना प्रकृति या भौतिकी के नियमों के आधार पर की गई है. हमारे ब्रह्माण्ड में हर जगह प्रकृति के नियम एक जैसे दिखाई देते हैं. तो ऐसे ब्रह्माण्ड संभव हैं जहां प्रकृति के नियम अलग हों.या नियम एक हों लेकिन बिग बैंग द्वारा शुरुआत अलग हो गई हो. रही बात 3D की तो गणितीय रूप से विमायें अनत हो सकती हैं. फिलहाल M Theory ग्यारह विमाओं की बात करती है.

    ReplyDelete
  16. लेकिन मेरे लिए तो 4D की कल्पना मात्र करना भी मुश्किल है

    When 3 dimensions are necessary and sufficient to locate any point in the universe, why would one require more than 3 dimensions?

    Tell me honestly, are you able to visualize how 4D or 5D looks like? I am not.

    I cannot draw a line that is perpendicular to all X, Y and Z axis. This is what is my understanding of 4D is. Where it is a possible to draw a line which is perpendicular to all, X Y and Z axis.

    ReplyDelete
  17. अंकित जी, Fine Tuning पर मेरी एक सीरीज यहाँ जारी है. यूनिवर्स - एक इंटेलिजेंट डीजाइन नाम से.

    ReplyDelete
  18. योगेश जी, जब आप स्पेस में किसी पास की चीज़ की लोकेशन बताते हैं तो 3D से काम चल जाता है, लेकिन जब स्टार्स वगैरह की लोकेशन बताना चाहेंगे तो साथ में समय भी बताना पड़ेगा. क्योंकि स्टार्स करोड़ों प्रकाश वर्ष दूर हैं. अर्थात जब हम उनकी लोकेशन देखते हैं तो वह करोड़ों वर्ष पुरानी होती है. वर्तमान में तो वह कहीं का कहीं होता है. इसलिए उसकी लोकेशन में 3D के साथ समय भी जोड़ना होता है. अर्थात 4D.

    ReplyDelete
  19. Zeashan zaidi,

    Kudos !! What a brilliant explanation.
    Why time is required..
    I have read at many places that fourth dimension is time. But no body explained why !!!

    That's correct that you have explained.

    Just curious to know, how is time measured? I mean, what is time=0, is that start of the universe?

    More-over, time is also not absolute, it is also relative. So how is this tackled? Khair, leave it, the more we discuss relativity, the more complex it gets...

    Any example of 4D coordinates
    Let me think of one..

    (2500 light year, 1000 light year, 1500 light year, ?????)

    What will be in place of time here?

    ReplyDelete
  20. योगेश जी , 5 तो नहीं परन्तु ४ विमाओं की कल्पना करने में हूँ समर्थ मैं

    और आपभी हो सकते हैं यदि आप स्टेफेन हाकिंस की किताब 'a breef history of time ' या उसका हिंदी अनुवाद ' समय का संक्षिप्त इतिहास ' पढ़े

    मैंने हिंदी वाली पढ़ी है और ४ विमायें समझ में आ गईं और ये भी की विमायें कितनी भी हो सकती हैं

    ReplyDelete
  21. इस जबरदस्त शुरुआत के लिए खुशामदीद !

    ReplyDelete
  22. कई साल पहले "जेट ली" अभिनीत एक सिनेमा आई थी उसकी याद आ गई.. उसका नाम था "The One".

    ReplyDelete

Name

- दर्शन लाल बावेजा,1,- बी एस पाबला,1,-Dr. Prashant Arya,2,-अंकित,4,-अंकुर गुप्ता,7,-अभिषेक ओझा,2,-अल्पना वर्मा,22,-आशीष श्रीवास्‍तव,2,-इन्द्रनील भट्टाचार्जी,3,-काव्या शुक्ला,2,-जाकिर अली ‘रजनीश’,56,-जी.के. अवधिया,6,-जीशान हैदर जैदी,45,-डा प्रवीण चोपड़ा,4,-डा0 अरविंद मिश्र,26,-डा0 श्‍याम गुप्‍ता,5,-डॉ. गुरू दयाल प्रदीप,8,-डॉ0 दिनेश मिश्र,5,-दर्शन बवेजा,1,-दर्शन लाल बवेजा,7,-दर्शन लाल बावेजा,2,-दिनेशराय द्विवेदी,1,-पवन मिश्रा,1,-पूनम मिश्रा,7,-बालसुब्रमण्यम,2,-योगेन्द्र पाल,6,-योगेश,1,-रंजना [रंजू भाटिया],22,-रेखा श्रीवास्‍तव,1,-लवली कुमारी,3,-विनय प्रजापति,2,-वीरेंद्र शर्मा(वीरुभाई),81,-शिरीष खरे,2,-शैलेश भारतवासी,1,-संदीप,2,-सलीम ख़ान,13,-हिमांशु पाण्डेय,3,.संस्‍था के उद्देश्‍य,1,।NASA,1,(गंगा दशहरा),1,100 billion planets,1,2011 एम डी,1,22 जुलाई,1,22/7,1,3/14,1,3D FANTASY GAME SPARX,1,3D News Paper,2,5 जून,1,Acid rain,1,Adhik maas,1,Adolescent,1,Aids Bumb,1,aids killing cream,1,Albert von Szent-Györgyi de Nagyrápolt,1,Alfred Nobel,1,aliens,1,All india raduio,1,altruism,1,AM,18,Aml Versha,1,andhvishwas,5,animal behaviour,1,animals,1,Antarctic Bottom Water,1,Antarctica,9,anti aids cream,1,Antibiotic resistance,1,arunachal pradesh,1,astrological challenge,1,astrology,1,Astrology and Blind Faith,1,astrology and science,1,astrology challenge,1,astronomy,4,Aubrey Holes,1,Award,4,AWI,1,Ayush Kumar Mittal,2,bad effects of mobile,1,beat Cancer,1,Beauty in Mathematics,1,Benefit of Mother Milk,1,benifit of yoga,1,Bhaddari,1,Bhoot Pret,3,big bang theory,1,Binge Drinking,1,Bio Cremation,1,bionic eye Veerubhai,1,Blind Faith,4,Blind Faith and Learned person,1,bloggers achievements,1,Blood donation,1,bloom box energy generator,1,Bobs Award,1,Breath of mud,1,briny water,1,Bullock Power,1,Business Continuity,1,C Programming Language,1,calendar,1,Camel reproduction centre,1,Carbon Sink,1,Cause of Acne,1,Change Lifestyle,1,childhood and TV,1,chromosome,1,Cognitive Scinece,1,comets,1,Computer,2,darshan baweja,1,Deep Ocean Currents,1,Depression Treatment,1,desert process,1,Dineshrai Dwivedi,1,DISQUS,1,DNA,3,DNA Fingerprinting,1,Dr Shivedra Shukla,1,Dr. Abdul Kalam,1,Dr. K. N. Pandey,1,Dr. shyam gupta,1,Dr.G.D.Pradeep,9,Drug resistance,1,earth,28,Earthquake,5,Einstein,1,energy,1,Equinox,1,eve donation,1,Experiments,1,Facebook Causes Eating Disorders,1,faith healing and science,1,fastest computer,1,fibonacci,1,Film colourization Technique,1,Food Poisoning,1,formers societe,1,gauraiya,1,Genetics Laboratory,1,Ghagh,1,gigsflops,1,God And Science,1,golden number,2,golden ratio,2,guest article,9,guinea pig,1,Have eggs to stay alert at work,1,Health,71,Health and Food,14,Health and Fruits,1,Heart Attack,1,Heel Stone,1,Hindi Children's Science Fiction,1,HIV Aids,1,Human Induced Seismicity,1,Hydrogen Power,1,hyzine,1,hyzinomania,1,identification technology,2,IIT,2,Illusion,2,immortality,2,indian astronomy,1,influenza A (H1N1) virus,1,Innovative Physics,1,ins arihant,1,Instant Hip Hain Relief,1,International Conference,1,International Year of Biodiversity,1,invention,5,inventions,30,ISC,2,Izhar Asar,1,Jafar Al Sadiq,1,Jansatta,1,japan tsunami nature culture,1,Kshaya maas,1,Laboratory,1,Ladies Health,5,Lauh Stambh,1,leap year,1,Lejend Films,1,linux,1,Man vs.Machine,1,Manish Mohan Gore,1,Manjeet Singh Boparai,1,MARS CLIMATE,1,Mary Query,2,math,1,Medical Science,2,Memory,1,Metallurgy,1,Meteor and Meteorite,1,Microbe Power,1,Miracle,1,Misconduct,3,Mission Stardust-NExT,1,MK,72,Molecular Biology,2,Motive of Science Bloggers Association,1,Mystery,1,Nature,1,Nature experts Animal and Birds,1,Negative Effects of Night Shift,1,Neuroscience Research,1,new technology,1,NKG,4,open source software,1,Osmosis,1,Otizm,1,Pahli Barsat,1,pain killer and pain,1,para manovigyan,1,PCST 2010,5,pencil,1,Physics for Entertainment,1,PK,2,Plagiarism,5,Prey(Novel) by Michael Crichton,1,Pshychology,1,psychological therapy in vedic literature,1,Puberty,1,Rainbow,1,reason of brininess,1,Refinement,1,Research,4,Robotics,1,Safe Blogging,1,Science Bloggers Association as a NGO,2,Science communication,1,science communication through blog writing,4,Science Fiction,16,Science Fiction Writing in Regional Languages,1,Science Joks,1,Science Journalism and Ethics,3,Science News,2,science of laughter,1,science project,1,Science Reporter,1,Science Theories,9,scientific inventions,2,Scientist,47,scientists,1,Search Engine Volunia,1,Secret of invisibility,1,Sex Ratio,1,Shinya Yamanaka,1,SI,1,siddhi,1,Solar Energy,1,space tourism,1,space travel,1,Spirituality,1,Stem Cell,1,Stephen Hawking,1,stonehenge mystery,1,Summer Solstice,1,Sunspots and climate,1,SuperConductivity,1,survival of fittest,1,sweet 31,1,Swine flue,1,taantra siddhee,1,tally presence system,1,Tantra-mantra,1,technical,1,technology,18,telomerase,1,Theory of organic evolution,1,Therapy in Rig veda,1,tokamak,1,Top 10 Blogger,1,Transit of Venus,1,TSALIIM Vigyan Gaurav Samman,1,tsunami warning,1,Tuberculosis Bacillus,1,tyndall effect,1,universe,14,Urdu Science Fiction Writer,1,vedic literature,1,VIDEO BOOK,1,Vigyan Pragati,1,Vigyan Prasar,1,Vision,1,Vividh Bharti,1,water,1,Web Technology,1,Wild life,3,Women Empowerment,1,Workshop,5,World Health Day,1,World no tobacco day,1,world trade center,1,Wormhole concept,1,Ya Perelman,1,yogendra,2,π,1,अंक,1,अंक गणित,1,अंतरिक्ष,1,अंतरिक्ष में सैर सपाटा,1,अंतरिक्ष यात्रा,1,अंतर्राष्ट्रीय सम्मलेन,1,अतिचालकता,1,अतीन्द्रिय दृष्टि,1,अतीन्द्रिय बोध,1,अथर्ववेद,1,अंध-विश्वास,2,अंधविश्‍वास,1,अंधविश्वास को चुनौती,3,अधिक मास,1,अध्यात्म,1,अनंत,1,अनसुलझे रहस्य,1,अन्तरिक्ष पर्यटन,3,अन्धविश्वास,3,अन्धविश्वास के खिलाफ,1,अभिषेक,8,अभिषेक मिश्र,4,अमरता,1,अम्ल वर्षा,1,अयुमु,1,अरुणाचल प्रदेश,1,अर्थ एक्सपेरीमेंट,3,अर्शिया अली,1,अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी,1,अलौकिक संगीत,1,अवसाद मुक्ति,1,अस्थि विज्ञान,1,आई आई टी,1,आई साईबोर्ग,1,आईएनएस अरिहंत,1,आकाश,1,आकाशगंगा,2,आटिज्‍म,1,आध्यात्म,1,आनंद कुमार,1,आनुवांशिक वाहक,1,आयुष मित्तल,1,आर्कियोलॉजी,1,आलम आरा,1,आविष्कार,1,आविष्कार प्रौद्योगिकी मोबाईल,1,इंटरनेट का सफर,1,इंडिव्हिजुअल व्हेलॉसिटी,1,इनविजिबल मैन,1,इन्जाज़-ऊंट प्रतिकृति,1,इन्द्रधनुष,1,इन्द्रनील भट्टाचार्जी,1,इन्द्रनील भट्टाचार्य,1,इशारों की भाषा,1,ईश्वर और विज्ञान,1,उजाला मासिक,1,उन्माद,1,उन्‍मुक्‍त,1,उप‍लब्धि,3,उबुन्टू,1,उल्‍कापात,1,उल्‍कापिंड,1,ऋग्वेद,1,एड्स जांच दिवस,1,एड्सरोधी क्रीम,1,एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया,1,एल्कोहल,1,एल्फ्रेड नोबल,1,औरतों में दिल की बीमारी का खतरा,1,कदाचार,1,कपडे,1,कम्‍प्‍यूटर एवं तकनीक,4,कम्प्यूटर विज्ञान,1,करेंट साइंस,1,कर्मवाद,1,किसानों की आत्महत्याएँ,1,कीमती समय,1,कृत्रिम जीवन,1,कृत्रिम रक्‍त,1,कृषि अवशेष,1,केविन वार्विक्क,1,कैसे मजबूत बनाएं हड्डियां,1,क्रायोनिक्स,1,क्रैग वेंटर,1,क्षय मास,1,क्षेत्रीय भाषाओं में विज्ञान कथा लेखन,2,खगोल,1,खगोल विज्ञान,2,खगोल विज्ञान.,1,खगोल वेधशाला,1,खतरनाक व्‍यवहार,1,खाद्य विषाक्‍तता,1,खारा जल,1,खूबसूरत आँखें,1,गणित,3,गति,1,गर्भकाल,1,गर्भस्‍थ शिशु का पोषण,1,गर्मी से बचने के तरीके,1,गुणसूत्र,1,गेलिलियो,1,गोल्डेन नंबर,2,गौरैया,1,ग्रह,1,ग्रीष्मकालीन अयनांत,1,ग्रुप व्हेलॉसिटी,1,ग्रेफ़ाइट,1,ग्लोबल वार्मिंग,2,घाघ-भड्डरी,1,चंद्रग्रहण,1,चमत्कार,1,चमत्कारिक पत्थर,1,चरघातांकी संख्याएं,1,चार्ल्‍स डार्विन,1,चिकत्सा विज्ञान,1,चैटिंग,1,छरहरी काया,1,छुद्रग्रह,1,जल ही जीवन है,1,जान जेम्स आडूबान,1,जानवरों की अभिव्यक्ति,1,जीवन और जंग,1,जीवन की उत्‍पत्ति,1,जैव विविधता वर्ष,1,जैव शवदाह,1,ज्योतिष,1,ज्योतिष और अंधविश्वास,2,झारखण्‍ड,1,टिंडल प्रभाव,1,टीलोमियर,1,टीवी और स्‍वास्‍थ्‍य,1,टीवी के दुष्‍प्रभाव,1,टेक्‍नालॉजी,1,टॉप 10 ब्लॉगर,1,डा0 अब्राहम टी कोवूर,1,डा0 ए0 पी0 जे0 अब्दुल कलाम,1,डाइनामाइट,1,डाटा सेंटर,1,डिस्कस,1,डी•एन•ए• की खोज,3,डीप किसिंग,1,डॉ मनोज पटैरिया,1,डॉ. के.एन. पांडेय,1,डॉ० मिश्र,1,ड्रग एडिक्‍ट,1,ड्रग्स,1,ड्रग्‍स की लत,1,तम्बाकू,1,तम्‍बाकू के दुष्‍प्रभाव,1,तम्बाकू निषेध,1,तर्कशास्त्र,1,ताँत्रिक क्रियाएँ,1,थर्मोइलेक्ट्रिक जेनरेटर,1,थ्री ईडियट्स के फार्मूले,1,दर्दनाशी,1,दर्शन,1,दर्शन लाल बवेजा,3,दिल की बीमारी,1,दिव्‍य शक्ति,1,दुरबीन,1,दूरानुभूति,1,दोहरे मानदण्ड,1,धरोहर,1,धर्म,2,धातु विज्ञान,1,धार्मिक पाखण्ड,1,धुम्रपान और याद्दाश्‍त,1,धुम्रपान के दुष्‍प्रभाव,1,धूल-मिट्टी,1,नई खोजें,1,नन्हे आविष्कार,1,नमक,1,नवाचारी भौतिकी,1,नशीली दवाएं,1,नाइट शिफ्ट के दुष्‍प्रभाव,1,नारायणमूर्ति,1,नारी-मुक्ति,1,नींद और बीमारियां,1,नींद न आने के कारण,1,नेत्रदान और ब्लॉगर्स,1,नेत्रदान का महत्‍व,1,नेत्रदान कैसे करें?,1,नैनो टेक्नालॉजी,1,नॉटिलस,1,नोबल पुरस्कार,1,नोबेल पुरस्कार,2,न्‍यूटन,1,परमाणु पनडुब्‍बी,1,परासरण विधि,1,पर्यावरण और हम,1,पर्यावरण चेतना,2,पशु पक्षी व्यवहार,1,पहली बारिश,1,पाई दिवस,1,पुच्‍छल तारा,1,पुरुष -स्त्री लिंग अनुपात,1,पूर्ण अँधियारा चंद्रग्रहण,1,पृथ्वी की परिधि,3,पृथ्‍वेतर जीवन,1,पेट्रोल चोरी,1,पेंसिल,1,पैडल वाली पनडुब्बी,1,पैराशूट,1,पॉवर कट से राहत,1,पौरूष शक्ति,1,प्रकाश,2,प्रज्ञाएँ,1,प्रतिपदार्थ,1,प्रतिरक्षा,1,प्रदूषण,1,प्रदूषण और आम आदमी,1,प्ररेणा प्रसंग,1,प्रलय,2,प्रलय का दावा बेटुल्गुयेज,1,प्रसव पीड़ा,1,प्रेम में ।धोखा,1,प्रोटीन माया,1,प्लास्टिक कचरा,1,फाई दिवस,1,फिबोनाकी श्रेणी,1,फिबोनाची,1,फेसबुक,1,फ्रीवेयर,1,फ्रेंकेंस्टाइन,1,फ्रेंच किसिंग,1,बनारस,1,बायो-क्रेमेशन,1,बायोमैट्रिक पहचान तकनीकियाँ,2,बाल विज्ञान कथा,1,बालसुब्रमण्यम,6,बिग-बेंग सिद्धांत,1,बिजली,1,बिजली उत्‍पादन,1,बिजली कैसे बनती है?,1,बिजलीघर,1,बिली का विकल्‍प,1,बी0एम0डब्ल्यू0,1,बीरबल साहनी,1,बुलेटप्रूफ,1,बैल चालित पम्प,1,ब्रह्मण्‍ड,1,ब्रह्मा,1,ब्रह्माण्‍ड,1,ब्रह्माण्‍ड के रहस्‍य,1,ब्रह्मान्ड,1,ब्रेन म्‍यूजिक,1,ब्लॉग लेखन,1,ब्लॉग लेखन के द्वारा विज्ञान संचार,2,ब्लॉगिंग का महत्व,1,भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद,1,भारतीय विज्ञान कथा लेखक समिति,1,भारतीय वैज्ञानिक,2,भारतीय शोध,1,भूकंप के झटके,1,भूकम्‍प,1,भूगर्भिक हलचलें,1,मंगल,1,मधुमेह और खानपान,1,मनजीत सिंह बोपाराय,1,मनीष मोहन गोरे,1,मनीष वैद्य,1,मनु स्मृति,1,मनोरंजक गणित,1,महिला दिवस,1,माचू-पिचू,1,मानव शरीर,1,माया,1,मारिजुआना,1,मासिक धर्म,1,मिल्‍की वे,1,मिशन स्टारडस्ट-नेक्स,1,मीठी गपशप,1,मीमांसा,1,मुख कैंसर,1,मृत सागर,1,मेघ राज मित्र,1,मेडिकल रिसर्च,1,मेरी शैली,1,मैथेमेटिक्स ओलम्पियाड,1,मैरी क्‍यूरी,2,मैरीन इनोवेटिव टेक्नोलॉजीज लि,1,मोटापा,1,मोबाईल के नुकसान,1,मौसम,1,यजुर्वेद,1,युवा अनुसंधानकर्ता पुरष्कार,1,यूरी गागरिन,1,योगेन्द्र पाल,1,योगेश,1,योगेश रे,1,रक्षा उपकरण,1,राईबोसोम,1,रूप गठन,1,रेडियो टोमोग्राफिक इमेजिंग,1,रैबीज,1,रोचक रोमांचक अंटार्कटिका,4,रोबोटिक्स,1,लखनऊ,1,लादेन,1,लालन-पालन,1,लिनक्स,1,लिपरेशी,1,लीप इयर,1,लेड,1,लॉ ऑफ ग्रेविटी,1,लोक विज्ञान,1,लौह स्तम्भ,1,वजन घटाने का आसान तरीका,1,वाई गुणसूत्र,1,वायु प्रदुषण,1,वाशो,1,विज्ञान,1,विज्ञान कथा,3,विज्ञान कथा सम्मेलन,1,विज्ञान के खेल,2,विज्ञान चुटकले,1,विज्ञान तथा प्रौद्यौगिकी,1,विज्ञान प्रगति,1,विज्ञान ब्लॉग,1,विज्ञापन,1,विटामिनों के वहम,1,विद्युत,1,विवेकानंद,1,विवेचना-व्याख्या,1,विश्व नि-तम्बाकू दिवस,1,विश्व पर्यावरण दिवस,1,विश्व भूगर्भ जल दिवस,1,विष्णु,1,वीडियो,1,वीडियो बुक,1,वैज्ञानिक दृष्टिकोण,1,वैद्य अश्विनी कुमार,1,वोस्तोक,1,व्‍यायाम के लाभ,1,व्हेलॉसिटी,1,शिव,1,शुक्र पारगमन,1,शुगर के दुष्‍प्रभाव,1,शून्य,1,शोध परिणाम,1,शोधन,1,श्रृष्टि का अंत,1,सं. राष्ट्रसंघ,1,सकारात्‍मक सोच का जादू,1,संक्रमण,1,संख्या,1,संजय ग्रोवर,1,संज्ञात्मक पक्षी विज्ञान,1,सटीक व्‍यायाम,1,संत बलबीर सिंह सीचेवाल,1,सत्यजित रे,1,समय की बरबादी को रोचकने के उपाय,1,समाज और हम,1,समुद्र,1,संयोग,1,सर चन्द्रशेखर वेंकट रमन राष्ट्रीय विज्ञान दिवस,1,सर्प संसार,1,साइकोलोजिस्ट,1,साइनस उपचार,1,साइंस ब्लागर्स मीट,1,साइंस ब्लागर्स मीट.,2,साइंस ब्लॉग कार्यशाला,2,साइंस ब्लॉगर्स असोसिएशन अवार्ड,1,साइंस ब्लॉगर्स असोसिएशन रजिस्ट्रेशन,1,साइंस ब्लॉगर्स ऑफ दि ईयर अवार्ड,1,साइंस ब्लोगिंग,1,साईकिल,1,सामवेद,1,सामाजिक अभिशाप,1,सामाजिक चेतना,1,साहित्यिक चोरी,2,सिगरेट छोड़ें,1,सी. एस. आई. आर.,1,सी.वी.रमण विज्ञान क्लब,1,सीजेरियन ऑपरेशन,1,सुपर अर्थ,1,सुपर कम्प्यूटर,1,सुरक्षित ब्लॉगिंग,1,सूर्यग्रहण,2,सृष्टि व जीवन,3,सेक्स रेशियो,1,सेहत की देखभाल,1,सोशल नेटवर्किंग,1,स्टीफेन हाकिंग,1,स्पेन,1,स्मृति,1,स्वर्ण अनुपात,1,स्वाईन-फ्लू,1,स्वास्थ्य,2,स्‍वास्‍थ्‍य और खानपान,1,स्वास्थ्य चेतना,3,हमारे वैज्ञानिक,4,हरित क्रांति,1,हंसी के फायदे,1,हाथरस कार्यशाला,1,हिंद महासागर,1,हृदय रोग,1,होलिका दहन,1,ह्यूमन रोबोट,1,
ltr
item
Science Bloggers' Association: विज्ञान की अजीब Theories (1)
विज्ञान की अजीब Theories (1)
http://2.bp.blogspot.com/_S_0qa5j3Jqs/S15tTs-_8hI/AAAAAAAAAOQ/_hxAzChriRE/s200/human-space-universe-cosmos.jpg
http://2.bp.blogspot.com/_S_0qa5j3Jqs/S15tTs-_8hI/AAAAAAAAAOQ/_hxAzChriRE/s72-c/human-space-universe-cosmos.jpg
Science Bloggers' Association
https://blog.scientificworld.in/2010/01/theories-1.html
https://blog.scientificworld.in/
https://blog.scientificworld.in/
https://blog.scientificworld.in/2010/01/theories-1.html
true
1415300117766154701
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy